नावां शहर थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट (संदिग्ध बैंक खाते) के जरिए साइबर ठगी की राशि का लेन-देन करने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चेन सिंह (54) निवासी नमक कॉलोनी, नावां शहर तथा नरेन्द्र सिंह (34) निवासी आजाद नगर, किशनगढ़, जिला अजमेर के रूप में हुई है।

पुलिस अधीक्षक डीडवाना-कुचामन डॉ. प्यारे लाल शिवरान के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुचामनसिटी विमल सिंह नेहरा तथा वृत्ताधिकारी कुचामनसिटी ऋतु कुमारी के सुपरविजन में थानाधिकारी सुरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।

बैंक खाते की जांच में हुआ खुलासा
पुलिस मुख्यालय से प्राप्त संदिग्ध बैंक खाताधारकों की सूची के आधार पर संबंधित बैंक से रिकॉर्ड प्राप्त कर जांच और विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि चेन सिंह ने लोगों को झांसे में लेकर इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से साइबर ठगी की राशि अपने बैंक खाते में प्राप्त की और बाद में उस राशि को निकालकर उपयोग में लिया।
इस संबंध में पुलिस थाना नावां शहर में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
तकनीकी सहायता से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
अनुसंधान के दौरान पुलिस टीम ने संबंधित बैंक से रिकॉर्ड प्राप्त कर खाताधारक की जानकारी जुटाई। इसके बाद फील्ड इंटेलिजेंस और तकनीकी सहायता से चेन सिंह को डिटेन कर पूछताछ की गई। अनुसंधान में उसके सहयोगी नरेन्द्र सिंह के खिलाफ भी अपराध में संलिप्तता प्रमाणित पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया।
इस तरह करते हैं म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार – साइबर अपराधी लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते, बैंक डायरी, एटीएम कार्ड और खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की सिम किराये पर ले लेते हैं। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल अन्य राज्यों के लोगों से ऑनलाइन साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करवाने और उसे निकालने के लिए किया जाता है।
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