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कुचामन सिटी: निजी बैंक की शाखा में कुर्की की कार्रवाई, कुर्सियां और फर्नीचर बाहर निकाले

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कुचामन सिटी. गोल्ड लोन से जुड़े एक मामले में 3.83 लाख रुपए की वसूली के लिए गुरुवार को कुचामन सिटी स्थित एक निजी बैंक की शाखा में कुर्की की कार्रवाई शुरू की गई। न्यायालय के आदेश के बाद यह कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई।

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मामला खेमाराम और निजी बैंक की गोल्ड लोन शाखा से जुड़ा है। स्थाई लोक अदालत, मेड़ता सिटी में चले जन उपयोगी सेवा प्रकरण में 10 फरवरी 2026 को पूर्णकालिक अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश सुशील कुमार शर्मा ने अधिनिर्णय पारित किया था। आदेश के तहत खेमाराम को मूल राशि, ब्याज, मानसिक शांति एवं अधिवक्ता शुल्क सहित कुल 3,83,860 रुपए दिलाए जाने थे।

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राशि की वसूली नहीं होने पर न्यायालय में इजराय प्रकरण पेश किया गया और निजी बैंक के खिलाफ कुर्की वारंट जारी किया गया। गुरुवार को केन्द्रीयकृत नजारत एवं लेखाशाखा, कुचामन सिटी के सहायक नाजिर गोविन्द राम लोमरोड़ और प्रोसेस सर्वर रामनिवास सैन, डिक्रीदार खेमाराम के अधिवक्ता अनिल कुमावत एवं मुकेश घसवां के साथ बैंक की गोल्ड लोन शाखा पहुंचे।

टीम ने शाखा प्रबंधक से कुर्की वारंट में निर्धारित 3,83,860 रुपए की राशि जमा कराने को कहा। शाखा प्रबंधक ने राशि जमा कराने के लिए समय मांगा, लेकिन समय नहीं दिए जाने पर कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी गई। टीम ने शाखा में मौजूद कुर्सी, बेंच, कंप्यूटर, लैपटॉप, एसी, फर्नीचर और अन्य सामान की सूची तैयार की। कुर्सियां और बेंच शाखा से बाहर निकालकर कुर्क करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई।

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इसी दौरान शाखा प्रबंधक संबंधित न्यायालय के लिंक कोर्ट एसीजेएम, नावां के समक्ष पहुंचे और राशि जमा कराने के लिए समय देने का अनुरोध करते हुए प्रार्थना पत्र पेश किया। न्यायालय ने मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए इजराय की कार्रवाई रोकने के आदेश दिए। इसके बाद कुर्की की कार्रवाई स्थगित कर दी गई।

यह था पूरा मामला

खेमाराम ने निजी जरूरत के लिए 85.70 ग्राम सोना गिरवी रखकर 1.70 लाख रुपए का गोल्ड लोन लिया था। वह नियमित रूप से किश्तें जमा करवा रहे थे। एक किश्त समय पर जमा नहीं होने के बाद बैंक ने कथित रूप से पूर्व सूचना दिए बिना गिरवी रखा सोना 2,76,202 रुपए में नीलाम कर दिया।

खेमाराम के अनुसार – नीलामी के समय सोने की कीमत 5,74,190 रुपए थी। उनका आरोप था कि सोना निर्धारित कीमत से कम में बेच दिया गया। इसके बाद उन्होंने अधिवक्ता अनिल कुमावत और मुकेश घसवां के माध्यम से स्थाई लोक अदालत, मेड़ता सिटी में मामला पेश किया।

लोक अदालत ने 10 फरवरी 2026 को अधिनिर्णय पारित किया। आदेश की पालना नहीं होने पर इजराय प्रकरण पेश किया गया, जिसके बाद वसूली के लिए कुर्की वारंट जारी हुआ और गुरुवार को कुर्की की कार्रवाई शुरू की गई।

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