नावां सिटी. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा जिला एवं सेशन न्यायाधीश डीडवाना-कुचामन नाहर सिंह मीणा के निर्देशानुसार अक्टूबर 2026 के एक्शन प्लान की अनुपालना में 13 अक्टूबर को विज्डम पब्लिक माध्यमिक विद्यालय, नावां सिटी में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
ताल्लुका विधिक सेवा समिति नावां के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश तथा अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मेन्द्र जाखड़ और ताल्लुका सचिव पवन भाटी के नेतृत्व में आयोजित शिविर में अधिवक्ता प्रमोद शर्मा एवं दातार सिंह ने भी भाग लिया। शिविर में करीब 300 विद्यार्थियों को विधिक जानकारी प्रदान की गई।

शिविर का मुख्य विषय “परिवर्तनकारी मंगलवार पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर” रहा। इसकी थीम “अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाओ, अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहो, जहां शिक्षा होती है, वहां कोई बच्चा असुरक्षित नहीं होना चाहिए” रखी गई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बाल-अनुकूल विधिक सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को न्याय व्यवस्था में सुरक्षित, संवेदनशील और उनकी उम्र के अनुरूप कानूनी सहायता उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही निःशुल्क एवं सक्षम विधिक सहायता, बच्चों से संबंधित कानूनी अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया के बारे में भी समझाया गया।

शिविर में पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी और किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित मामलों में सहायता एवं जागरूकता पर विस्तार से चर्चा की गई। बच्चों को अजनबियों से सावधान रहने, असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान करने, अपनी सीमाओं को समझने, इंटरनेट पर सुरक्षित रहने और किसी घटना के होने पर चुप न रहने के लिए जागरूक किया गया।
इसके अतिरिक्त पॉक्सो अधिनियम, 2012, किशोर न्याय अधिनियम, 2015 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रासंगिक प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों, शिकायत एवं रिपोर्ट दर्ज कराने की उपलब्ध व्यवस्थाओं तथा बाल संरक्षण सुनिश्चित करने में पुलिस सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
संबोधन के दौरान ताल्लुका अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह जाखड़ ने साइबर बुलिंग, नशामुक्त जीवन, ई-गेमिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे विषयों पर भी जागरूक किया।
विद्यालयों के माध्यम से अभिभावकों तक पहुंचाई जाएगी जागरूकता सामग्री
संबंधित विषयों पर तैयार की गई ई-सामग्री डिजिटल माध्यम से ताल्लुका क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के शाला प्रभारियों को व्हाट्सऐप के जरिए पीडीएफ प्रारूप में भेजकर साझा की गई। इसका उद्देश्य विद्यालयों द्वारा इस सामग्री को अपने व्हाट्सऐप समूहों एवं अन्य डिजिटल माध्यमों से अभिभावकों तक पहुंचाना है, ताकि व्यापक जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा मिल सके।
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विद्यालय में सुरक्षा एवं सुविधाओं का भी किया आकलन
कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास, शारीरिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेने से संबंधित बिंदुओं पर भी ध्यान दिया गया। इसमें हर मौसम में उपयोग योग्य कक्षाएं, बाधा-मुक्त पहुंच, लड़कों एवं लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय, सुरक्षित पेयजल, पुस्तकालय, पर्याप्त शिक्षक तथा खेल मैदान जैसी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
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