कुचामन सिटी. नगर परिषद में शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार को लेकर सभापति महेश रामचंद्रका ने आयुक्त शिकेश कांकरिया, स्वास्थ्य निरीक्षक राजेंद्र, सफाई जमादारों एवं सफाई ठेकेदार के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की।
सभापति ने शहर की सफाई व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को सख्ती के साथ सफाई व्यवस्था में सुधार करने के दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उपसभापति बाबूलाल, पार्षद बरखा रानी जैन सहित अन्य पार्षद एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

कुचामन शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर लंबे समय से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है।
शहर के कई इलाकों में कचरा पात्र नहीं होने के कारण लोग खुले में कचरा डालने को मजबूर हैं, जबकि जहां कचरा पात्र लगे हुए हैं, वहां कई बार कचरा पात्र लंबे समय तक भरे रहते हैं और आसपास सड़कों पर कचरा बिखरा रहता है। कचरा पात्रों के आसपास आवारा पशुओं का जमावड़ा भी देखने को मिलता है।

कई वार्डों में नालियों के ओवरफ्लो की समस्या भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई जगह सफाई कर्मचारी नालियों और आसपास की सफाई तो करते हैं, लेकिन सफाई के बाद निकला गंदा कचरा वहीं छोड़ दिया जाता है, जिसे बाद में उठाने कोई नहीं आता। इससे समस्या और बढ़ जाती है।
कई मोहल्लों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल
बीआर खोखर स्कूल के पास सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिलती है। यहां सफाई के बाद निकला कचरा समय पर नहीं उठने और आसपास गंदगी रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी तरह आचार्यों का मोहल्ला, बापू नगर सहित शहर के कई अन्य मोहल्लों में कचरा पात्र भरे रहने और सड़कों पर कचरा फैला होने से लोगों को परेशानी होती है।
नगर परिषद की बैठक में इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सफाई व्यवस्था को नियमित और प्रभावी बनाने, कचरा पात्रों की समय पर सफाई करवाने, सड़कों पर फैले कचरे को तत्काल उठाने तथा नालियों की सफाई के बाद निकलने वाले कचरे का भी उचित निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
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