नावां सिटी. निकटवर्ती ग्राम श्यामगढ़ के वार्ड नंबर 1 और 2 में गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से मोहल्ले के बीच गंदगी का आलम बना हुआ है।
लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के कारण स्थानीय ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गंदा पानी जमा रहने से आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थिति के चलते यहां रहने वाले लोग बीमारियों की आशंका से चिंतित हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा।
गंदे पानी से आंगनबाड़ी व खाद्य भवन को नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार – मोहल्ले में लंबे समय से जमा गंदे पानी का असर आंगनबाड़ी केंद्र और खाद्य भवन पर भी पड़ रहा है। उनका आरोप है कि गंदगी और पानी के जमाव के कारण इन भवनों को क्षति पहुंची है। सार्वजनिक उपयोग के भवनों के आसपास इस तरह की स्थिति बनी रहना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। इसके बावजूद निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से लोगों में नाराजगी है।

सफाई के नाम पर लीपापोती, ठेकेदार पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने सफाई व्यवस्था को लेकर ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है और धरातल पर हालात जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीणों ने सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए सफाई कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अतिक्रमण और गंदगी से बढ़ रही परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि गंदे पानी की निकासी नहीं होने और लगातार गंदगी जमा रहने से आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
उनके अनुसार, आवासीय क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति भी समस्या को और गंभीर बना रही है। इससे रास्तों और पानी की निकासी को लेकर दिक्कतें पैदा हो रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
कई वर्षों से समस्या, अब समाधान की मांग
ग्रामीणों के मुताबिक, वार्ड नंबर 1 और 2 में गंदे पानी की निकासी की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। बार-बार परेशानी झेलने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में रोष है।
ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, नियमित सफाई सुनिश्चित हो, अतिक्रमण की जांच की जाए और सफाई कार्यों पर खर्च होने वाली सरकारी राशि का हिसाब भी जांचा जाए।







