कुचामन सिटी. दुर्गा अष्टमी पर विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी एवं मातृशक्ति की ओर से शहर में शक्ति पथ संचलन का आयोजन किया गया।
अशोक सिंघल जन्म शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित इस पथ संचलन में 500 से ज्यादा महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया।


पथ संचलन के माध्यम से महिलाओं और बेटियों को आत्मरक्षा, आत्मविश्वास तथा महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। अनुशासन, संगठन, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए कार्यकर्ताओं ने एक जैसी वेशभूषा में कदमताल की।

घोष की ताल के साथ पथ संचलन अहिंसा सर्किल, डीडवाना रोड, आथुरणा दरवाजा, पुरानी धान मंडी, घाटी कुआं, नया शहर, सीकर रोड, सेवा समिति की गली, न्यू कॉलोनी होते हुए स्टेशन रोड स्थित भोमराजका स्कूल ग्राउंड में संपन्न हुआ। सफेद सलवार-सूट एवं केसरिया दुपट्टे में दुर्गा वाहिनी की बहनें तथा लाल बंधेज की साड़ी में मातृशक्ति की महिलाएं शामिल हुईं।

लोगों ने पुष्प वर्षा कर किया अभिनंदन
पथ संचलन के दौरान शहर में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर दुर्गा वाहिनी की बहनों का स्वागत किया गया। इसी क्रम में महावीर इंटरनेशनल परिवार की ओर से जैन स्कूल, पलटन गेट पर दुर्गा वाहिनी के विशाल पथ संचलन का पुष्प वर्षा कर स्वागत एवं बहुमान किया गया।
इस दौरान संस्था के सचिव वीर अजित पहाड़िय, युवा अध्यक्ष वीर आनंद सेठी, वीरा अध्यक्षा सरोज पाटनी, वीर गोरधन मालवीय, वीर सुरेंद्र सिंह दीपपुरा, वीर सुभाष गंगवाल, वीर संपत बगड़िया, वीर बलवीर प्रधान, वीर संदीप पांड्या, वीर राहुल झाझरी एवं रेवत सिंह, चित्रांश बगड़िया, काव्यांश बगड़िया सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
नारी है समाज की प्रेरणा और राष्ट्र की शक्ति
रश्मि छिपा, विभाग सहयोजिका मातृशक्ति ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह पथ संचलन नारी शक्ति के जागरण, अनुशासन, संगठन, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि समाज की प्रेरणा और राष्ट्र की शक्ति भी है।
कुचामन सिटी में कल मनेगा दशहरा महोत्सव, 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का होगा दहन
मातृभूमि की रक्षा में नारी किसी से पीछे नहीं
विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री जयेश कुमार ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने अपने साहस से यह सिद्ध किया कि मातृभूमि की रक्षा में नारी किसी से पीछे नहीं है। मां पन्नाधाय ने अपने अद्वितीय त्याग से कर्तव्य और समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया, जबकि माता अहिल्याबाई होल्कर ने सेवा, न्याय, धर्म और सुशासन के माध्यम से समाज को नई दिशा दी।
उन्होंने कहा कि इन वीरांगनाओं से प्रेरणा लेकर बेटियों को शिक्षा, संस्कार, सेवा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।
बेटियों में आत्मरक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास जरूरी
अभिलाषा, क्षेत्रीय सहयोजिका मातृशक्ति ने कहा कि दुर्गा वाहिनी का संदेश स्पष्ट है कि नारी शिक्षित, संस्कारित, संगठित और आत्मनिर्भर बने तथा अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहे।
उन्होंने बेटियों के लिए अच्छी शिक्षा के साथ आत्मरक्षा प्रशिक्षण, डिजिटल सुरक्षा की जानकारी, कानून के प्रति जागरूकता और कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने का आत्मविश्वास जरूरी बताया।
कार्यक्रम में अभिलाषा, क्षेत्रीय सहयोजिका मातृशक्ति, रश्मि छिपा, विभाग सहयोजिका मातृशक्ति, अनीता, जिला सहयोजिका मातृशक्ति, अलका, मातृशक्ति सदस्य तथा विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री जयेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
कुचामन सिटी: खांडल विप्र समाज की युवतियों ने डांडिया कार्यक्रम में दी शानदार प्रस्तुतियां







