कुचामन सिटी. चितावा थाना पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को महाराष्ट्र भागने से पहले ही बस स्टैंड से डिटेन कर गिरफ्तार किया।
पुलिस ने मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटाते हुए अनुसंधान पूरा कर मात्र पांच दिन में न्यायालय में चालान पेश किया। प्रकरण में आरोपी को सहयोग करने के आरोप में उसकी मां को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान (आईपीएस) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुचामन सिटी विमल सिंह नेहरा तथा वृत्ताधिकारी कुचामन सिटी ऋतु कुमारी (आरपीएस प्रोबेशनर) के निकटतम सुपरविजन में पुलिस थाना चितावा के थानाधिकारी सिद्धार्थ प्रजापत के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
मंदिर से बहला-फुसलाकर घर ले जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार – 21 सितंबर 2026 को पीड़िता के परिजन की ओर से रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि उनकी 9 वर्षीय नाबालिग बच्ची तेजाजी के मंदिर गई थी, जहां से आरोपी बनवारी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया तथा उसके चिल्लाने पर जान से मारने की धमकी दी और उसका गला दबाने का प्रयास किया। रिपोर्ट में आरोपी की मां पर भी बच्ची को डराने-धमकाने का आरोप लगाया गया।

रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना चितावा में पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान वृत्ताधिकारी कुचामन सिटी ऋतु कुमारी को सौंपा गया।
महाराष्ट्र भागने से पहले आरोपी को किया डिटेन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक जानकारी जुटाई और साक्ष्य संकलित किए। इसी दौरान पुलिस को आरोपी के महाराष्ट्र भागने की जानकारी मिली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को महाराष्ट्र भागने से पहले ही बस स्टैंड से डिटेन कर लिया। पूछताछ एवं अनुसंधान के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने मामले में आरोपी का सहयोग करने के आरोप में उसकी मां को भी गिरफ्तार किया। पीड़िता को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ ही प्रकरण में कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई। मामले में मेडिकल टीम का भी विशेष सहयोग रहा।
पांच दिन में पूरा किया अनुसंधान
पुलिस ने प्रकरण में त्वरित अनुसंधान करते हुए आवश्यक साक्ष्यों का संकलन किया और अनुसंधान पूर्ण कर मात्र पांच दिवस में न्यायालय में चालान पेश कर दिया। पुलिस के अनुसार संवेदनशील मामलों में पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से साक्ष्य संकलन और कानूनी प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।







