कुचामन सिटी. दिगम्बर जैन मंदिर घाटी कुआं में दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर मूलनायक भगवान आदिनाथ के एक बार फिर अतिशयकारी जलाभिषेक का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण एवं आस्था का केंद्र रहा।
मंदिर के सचिव सुभाष पहाड़िया ने बताया कि दशलक्षण महापर्व के प्रारंभ में भी मूलनायक भगवान आदिनाथ का अतिशय के साथ जलाभिषेक हुआ था।

उन्होंने बताया कि आज दशलक्षण महापर्व के सबसे महत्वपूर्ण दिन अनंत चतुर्दशी तथा मंदिर के वार्षिक कलशाभिषेक के अवसर पर भगवान आदिनाथ के देवों द्वारा जलाभिषेक होने और भगवान के ऊपर लगे तीन छत्रों के अपने आप हिलने का दृश्य श्रद्धालुओं ने देखा। इस अद्भुत धार्मिक घटना को देखकर उपस्थित श्रावक-श्राविकाएं हर्ष एवं आनंद से अभिभूत हो गए।
अतिशय के दर्शन करने एवं भगवान के जलाभिषेक के समाचार के बाद दर्शन करने के लिए ज्ञानचंद, संतोष कुमार, विजय, अशोक, नरेंद्र, प्रवीण, विपिन, अर्पित, अमित, कैलाश, निखिल, चिन्मय पहाड़िया, सुभाष चंद, दीपक, सुमित, सिद्धांत झांझरी, निर्मल पांडया, अशोक अजमेरा, मोनू पाटोदी, पंडित अजय शास्त्री, रमेश छाबड़ा एवं बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मंदिर पहुंचे।

सभी ने श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भगवान आदिनाथ के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
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मंदिर के अध्यक्ष विजय कुमार पहाड़िया ने बताया कि जानकारों के अनुसार इस प्रकार के चमत्कारिक एवं अतिशयकारी जलाभिषेक को समाज, शहर, राज्य एवं देश में खुशहाली, मंगल एवं शुभता का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ से सर्वत्र सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
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