डीडवाना-कुचामन जिले की कुचामन पंचायत समिति में स्थित ग्राम पंचायत दीपपुरा में सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल योजना जमीनी हकीकत में पूरी तरह बेअसर नजर आ रही है।


ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के नाम पर 1200 से 2000 रुपए तक की राशि वसूली गई। लेकिन न तो सभी घरों में कनेक्शन दिए गए और जहां कनेक्शन हैं वहां भी पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो रही।

गोपलपुरा सहित दीपपुरा पंचायत के कई गांवों में हालात इतने गंभीर हैं कि 20-25 दिनों तक नलों में पानी नहीं आता, जबकि कई स्थानों पर दो-दो महीने तक सप्लाई ठप रहती है। भीषण गर्मी में स्थिति को और भयावह बनाता है क्षेत्र में गिरता हुआ भूजल स्तर। निजी कुओं और ट्यूबवेलों में पानी का स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे वहां भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा।
जो पानी उपलब्ध है। वह भी कई जगहों पर फ्लोराइडयुक्त होने के कारण पीने योग्य नहीं है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ रहे हैं। सरकार की योजना का उद्देश्य घर-घर मीठा पेयजल पहुंचाना है, लेकिन दीपपुरा पंचायत में यह दावा पूरी तरह फेल साबित हो रहा है।

ढाणियों में हालात सबसे ज्यादा खराब : –
पंचायत के कई ढाणियों और दूरदराज के घरों में न तो कोई सरकारी पेयजल व्यवस्था है और न ही निजी ट्यूबवेल या कुएं की सुविधा। ऐसे में इन परिवारों को टैंकरों के माध्यम से महंगा पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत प्रशासन और पीएचईडी विभाग को शिकायतें दीं। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सरकारी दावे और जमीनी सच्चाई के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है।
किसान नेता बोले- जनता के साथ अन्याय
स्थानीय निवासी एवं किसान नेता परसाराम बुगालिया का कहना है कि हर घर नल योजना दीपपुरा पंचायत में पूरी तरह विफल साबित हुई है और यह जनता के साथ बड़ा अन्याय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों से राशि वसूलने के बावजूद न तो नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई और न ही लोगों को साफ पेयजल उपलब्ध हो पा रहा है। लगातार बंद पड़ी सप्लाई, गिरता भूजल स्तर और फ्लोराइडयुक्त पानी की समस्या ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ग्रामीणों के साथ मिलकर जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मीडिया के माध्यम से बुगालिया और ग्रामीणों की सरकार से सीधी मांगें –
- 7 दिन के भीतर सभी गांवों में नियमित और पर्याप्त पानी सप्लाई शुरू की जाए।
- जिन घरों में अभी तक कनेक्शन नहीं लगे हैं, उन्हें तुरंत प्राथमिकता से जोड़ा जाए।
- जब तक व्यवस्था सुचारू नहीं होती, तब तक मुफ्त टैंकरों के जरिए रोजाना पानी उपलब्ध कराया जाए।
- योजना के तहत वसूली गई राशि और कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- फ्लोराइडयुक्त पानी की समस्या के समाधान के लिए स्थायी शुद्ध पेयजल व्यवस्था लागू की जाए।
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