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नावां पालिकाध्यक्ष का इस्तीफा या दबाव की राजनीति, पढ़ें इस्तीफे की फ्लैशबैक स्टोरी

नावां विधानसभा बना राजनीति का अखाड़ा, पहले कुचामन सभापति, उपसभापति का निलंबन और अब नावां पालिकाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

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नावां सिटी. नगरपालिका नावां की निर्वाचित अध्यक्ष शायरी देवी मेघवाल ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बताया है कि अपना त्याग-पत्र डीडवाना-कुचामन के जिला कलक्टर महेंद्र खड़गावत को सौंपने की जानकारी दी है। हालांकि जिला कलक्टर खड़गावत ने इसका खंडन करते हुए कहा कि उन्हें कोई इस्तीफा नहीं दिया गया है। 

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हालांकि यह इस्तीफा स्वायत्त शासन विभाग के नियमों के विपरीत है। क्योंकि नियमों के अनुसार नगरपालिका अध्यक्ष को त्याग-पत्र केवल क्षेत्रीय उपनिदेशक (डिप्टी डायरेक्टर, क्षेत्रीय) स्थानीय निकाय विभाग को ही देना होता है।

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शायरी देवी मेघवाल ने अपने इस्तीफे में गंभीर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को आयोजित उपखंड स्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से उन्हें षड्यंत्रपूर्वक दूर रखा गया। उनके मुताबिक नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) मनीषा और उपखंड अधिकारी  (SDM) दिव्या सोनी ने मिलकर उन्हें कार्यक्रम से बाहर रखकर सामाजिक रूप से अपमानित किया।

पूरा मामला जानें 15 अगस्त के दिन क्या हुआ। पढ़ें यह खबर – 

नावां नगर पालिका अध्यक्ष की जगह एसडीएम ने किया ध्वजारोहण, अब एपीओ की उठी मांग

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डीडवाना कुचामन कलक्टर के नाम दिया गया इस्तीफा।

कलक्टर को इस्तीफा क्यों दिया, क्या नियम नहीं जानती अध्यक्ष?

राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग जयपुर द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार – राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 43 की उप-धारा (12) के तहत नगरपालिका अध्यक्ष को अपना त्याग-पत्र व्यक्तिगत रूप से संबंधित क्षेत्रीय उपनिदेशक (डिप्टी डायरेक्टर, क्षेत्रीय) स्थानीय निकाय विभाग को ही सौंपना होता है।

वहीं, नगर निगम के महापौर और नगर परिषद के सभापति को अपना त्याग-पत्र निदेशक एवं विशिष्ट सचिव, स्वायत्त शासन विभाग, जयपुर को देना होता है।

इस अधिसूचना के अनुसार जिला कलक्टर को त्याग-पत्र सौंपना नियमों के विपरीत है, क्योंकि कलक्टर को ऐसा कोई अधिकार नहीं दिया गया है।

इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या यह कदम दबाव की राजनीति का हिस्सा है?

बीजेपी पार्टी का चुनाव चिन्ह लेकर वह अध्यक्ष बनीं, हालांकि उनकी ही टीम की तरफ से कहा गया कि न तो बीजेपी के मंत्री और न ही महामंत्री उनका फोन उठा रहे थे जब उनका अपमान किया गया। साथ ही धरने की चेतावनी भी दी गई जिसके बाद आज यह इस्तीफा कलक्टर को दिया गया।

बता दें कि लंबे समय से क्षेत्रीय विधायक और अध्यक्ष के बीच मनमुटाव चल रहा है, जो अब जगजाहिर हो गया है। अध्यक्ष शायरी देवी ने एक प्रेस नोट जारी कर राज्य मंत्री और नावां विधायक विजयसिंह पर गलत कार्य करवाने के आरोप भी लगाए हैं। इस इस्तीफे की कार्रवाई से यही प्रतीत हो रहा है कि कहीं यह दबाव की राजनीति तो नहीं है।

पहले कुचामन सभापति निलंबित और अब यह इस्तीफा

कुछ दिन पहले ही कुचामन सभापति आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला को निलंबित करके सुरेश सिखवाल को भाजपा का कार्यवाहक सभापति बनाया गया था। अब नावां नगर पालिका में भाजपा की ही पालिकाध्यक्ष शायरीदेवी गांधी ने इस्तीफा देने का दावा किया है। 

नावां नगरपालिका अध्यक्ष शायरी देवी मेघवाल ने दिया इस्तीफा

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