नावां शहर. मारोठ थाना क्षेत्र के भीवपुरा गांव के पास हुए जानलेवा हमले के मामले में 20 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को उग्र रूप में सामने आया।


20 अप्रैल से उपखंड कार्यालय के समक्ष चल रहा अनिश्चितकालीन धरना पांचवें दिन भी जारी रहा।

धरने पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया कि वे पिछले चार दिनों से शांतिपूर्वक अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे नाराज होकर गुरुवार को आंदोलनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया।


आंदोलनकारियों ने पुलिस प्रशासन का पुतला बनाकर उसकी अर्थी निकाली और “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद”, “पुलिस प्रशासन हाय-हाय” तथा “राम नाम सत्य है” जैसे नारों के साथ नगर में जुलूस निकाला। जुलूस गर्ल्स स्कूल चौराहे से शुरू होकर मुख्य बाजार से होते हुए वापस एसडीएम कार्यालय पहुंचा।
यहां पुतले को शव का रूप देकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार से पहले महिलाओं और पुरुषों ने पुतले को जूते-चप्पलों से पीटा। पुतला दहन के दौरान आंदोलनकारियों ने दोनों ओर से रास्ता बंद कर दिया और सड़क के बीच बैठकर विरोध जताया। करीब 20 मिनट बाद रास्ता खोला गया और सभी पुनः धरना स्थल पर बैठ गए।
धरने में शामिल लोगों ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन की ओर से चौथे दिन मारोठ थाना अधिकारी सुरेश सोनी ने ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अडिग रहे।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी धरने में शामिल होने पहुंचे, जिससे आंदोलन को और समर्थन मिला।
दरअसल, घटना 4 अप्रैल की रात करीब 9:15 बजे की है। भीवपुरा निवासी शिशपाल और रामकुमार अपने निजी वाहन से घर लौट रहे थे। इसी दौरान भीवपुरा निवासी राजेंद्र लुहाच, हरेंद्र कुमार, राकेश और गजेंद्र सहित अन्य लोगों ने हथियारों से लैस होकर उनका रास्ता रोक लिया….नावां: मारोठ में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर SDM कार्यालय के बाहर धरना जारी
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