कुचामन सिटी. इन दिनों PTCL T10 शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण खिलाड़ियों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पहली बार बड़े स्तर पर आयोजित होने जा रहे इस टूर्नामेंट को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों की टीमें भी अपने आसपास के बड़े और प्रतिभावान खिलाड़ियों को जोड़कर टीम को मजबूत करने में जुटी हैं, ताकि वे इस महालीग का हिस्सा बन सकें।

ग्रामीण खिलाड़ियों को लेकर PTCL T10 की टीम से सवाल किए जाने पर सभी कार्यकर्ताओं और कमेटी सदस्यों ने एकजुट होकर कहा कि PTCL T10 शहरी, ग्रामीण या बाहरी होने का भेद नहीं करता, बल्कि यह प्रतिभा का मंच है और इस मंच पर सभी का समान अधिकार है। कमेटी ने कहा कि कई ग्रामीण खिलाड़ी शहरी खिलाड़ियों से भी अधिक प्रतिभावान होते हैं, लेकिन उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उचित मंच नहीं मिल पाता। ऐसे सभी खिलाड़ियों का PTCL T10 दिल से स्वागत करता है।
कमेटी सदस्यों ने कहा कि क्रिकेट में उनका फोकस केवल प्रतिभा पर है, न कि खिलाड़ी शहरी है या ग्रामीण। सच्चा खेल वही है, जहां सभी खिलाड़ियों को समान अवसर और समान दृष्टि से देखा जाए। ग्रामीण खिलाड़ियों से अपील की गई कि वे खुलकर अपनी टीमें लेकर आएं और PTCL T10 जैसे बड़े मंच के जरिए अपनी प्रतिभा को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करें।

वैभव सूर्यवंशी का दिया उदाहरण
इस दौरान कमेटी सदस्यों ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर से मेहनत करते हुए उन्होंने जिस तरह अपनी पहचान बनाई, वह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। आज दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक उनके मैच का इंतजार करते हैं और उनकी बल्लेबाजी के कायल हैं। PTCL T10 टीम ने कहा कि उनका भी प्रयास है कि इस मंच से ऐसे ही प्रतिभावान सितारे सामने आएं और अपनी पहचान बनाएं।
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बड़े शिक्षण संस्थानों से खेलों को बढ़ावा देने की अपील
PTCL T10 टीम ने बड़े शिक्षण संस्थानों से भी खेलों के प्रति जागरूक होकर आगे आने की अपील की। टीम ने कहा कि बड़े संस्थानों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल संस्थान संचालकों के आगे आने की है। राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों से विद्यार्थी बड़े संस्थानों में पढ़ने आते हैं, लेकिन कई बार उनकी प्रतिभा पढ़ाई तक ही सीमित रह जाती है।
कमेटी ने कहा कि कई विद्यार्थियों में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की क्षमता होती है। ऐसे में बड़े शिक्षण संस्थानों को खेलों को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास हो सके तथा उन्हें खेलों के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर मिलें। PTCL T10 ने उम्मीद जताई कि संस्थान इस दिशा में आगे आएंगे और उभरती खेल प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे।
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