कुचामन सिटी. महावीर इंटरनेशनल एवं जैन वीर मंडल की प्रेरणा से कुचामन सिटी में एक परिवार ने दुख की घड़ी में साहसिक निर्णय लेते हुए नेत्रदान कर मानवता की मिसाल पेश की।

31 वर्षीय अक्षय (पारुल) जैन पुत्र पवन कुमार पांड्या की बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें राजकीय चिकित्सालय लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार पर आए इस दुखद संकट के बीच परिजनों ने सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ‘जियो और जीने दो’ की प्रेरणा से अक्षय जैन के नेत्रदान का निर्णय लिया।


सूचना मिलने पर अजमेर आई बैंक की टीम के डॉ. भरत शर्मा एवं उनकी टीम पारुल जैन के निवास पर पहुंची और नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न करवाई। नेत्रदान से दो जरूरतमंद दृष्टिहीन लोगों को नेत्र ज्योति मिलने की संभावना है।

इस पुनीत कार्य के दौरान नेत्रदानी परिवार की ओर से सुरेशकुमार, पवन कुमार, अनिल कुमार, हेमंत, अंकित, वीर कैलाश, वीर महावीर, वीर संदीप पांड्या, वीर अशोक अजमेरा, वीर अजित, विकास पहाड़िया, अशोक, मनोज जैन एवं वीर सुरेंद्र सिंह दीपपुरा सहित परिजनों और विभिन्न संस्थाओं के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने डॉ. भरत शर्मा को नेत्र सुपुर्द किए।
महावीर इंटरनेशनल के वीर सुभाष पहाड़िया एवं वीर रामावतार गोयल ने इस महान सेवाकार्य के लिए पांड्या परिवार के प्रति साधुवाद एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नेत्रदान महादान है।
पारुल जैन के नेत्र दो जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाने का माध्यम बनेंगे। दुख की घड़ी में परिवार द्वारा लिया गया यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायी है।
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