डीडवाना-कुचामन जिले के गच्छीपुरा क्षेत्र में फर्जी ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर रक्त एकत्रित कर उसे बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


ऋचा तोमर के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेमीचन्द खारिया एवं वृताधिकारी विक्की नागपाल के सुपरविजन में गच्छीपुरा थाना पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस के अनुसार – 12 अप्रैल 2026 को सूचना मिली कि गच्छीपुरा कस्बे में एक ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किया जा रहा है जो संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां मुकेश गोदारा, अमन जाट एवं प्रधान चौधरी कैंप संचालित करते मिले।
जांच के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गच्छीपुरा से जानकारी ली गई। जहां ऐसे किसी कैंप की अनुमति नहीं होने की पुष्टि हुई। वहीं जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी नागौर से प्राप्त जानकारी में सामने आया कि संबंधित कैंप की अनुमति दीनदारपुरा (बरड़वा) के लिए थी, लेकिन आरोपियों ने दस्तावेजों में हेरफेर कर स्थान गच्छीपुरा दर्शा दिया।

इसके बाद जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी सुशीला चौधरी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों मुकेश गोदारा निवासी गिंगालिया, अमन जाट निवासी सोयला (टोंक) और प्रधान चौधरी निवासी श्योसिंगपुरा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
थानाधिकारी महावीर सिंह चौधरी के नेतृत्व में टीम के सदस्य सुन्दर सिंह (ASI), मनोहर लाल (हेड कांस्टेबल), विकास, बलवीर भींचर, रामदेव एवं धर्माराम (कांस्टेबल) ने कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई।
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