कुचामन सिटी. कुमावत समाज के प्रतिनिधि मंडल ने आज मुख्यमंत्री आवास, जयपुर में जनसुनवाई में भाग लेकर नाबालिग बालिका उर्मिला कुमावत के अपहरण मामले की गंभीरता से अवगत कराया।


प्रतिनिधि मंडल ने केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत और प्रदेश मंत्री डॉ. महेंद्र कुमावत को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधि मंडल में सत्यनारायण जायलवाल (अध्यक्ष, कुमावत युवा शक्ति), ओमप्रकाश बारवाल (उपाध्यक्ष, कुमावत विकास समिति), मोहनलाल घोड़ेला (सचिव, कुमावत विकास समिति), एवं किशन लाल मारवाल (नाबालिक बालिका के परिजन) उपस्थित रहे।



ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि नाबालिग बालिका उर्मिला कुमावत का अपहरण 27 अगस्त 2025 को हुआ था। इसके बाद कुचामन उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया गया और बड़ी संख्या में समाजजन कार्यालय पहुंचकर मामले की गंभीरता जताई।
इसके बावजूद बालिका का कोई पता नहीं चल सका, जिससे आहत होकर कुमावत समाज के हजारों लोगों ने कुचामन पुलिस थाना के बाहर धरना दिया। इस दौरान डीडवाना-कुचामन एसपी द्वारा 7 दिनों में बालिका बरामद करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक नाबालिग बालिका का कोई सुराग नहीं मिला है।
थानाधिकारी पर आरोप –
ज्ञापन में थानाधिकारी सतपाल चौधरी पर यह आरोप लगाया गया है कि परिवारजनों को संतोषजनक जवाब नहीं देते और कहते हैं, “यहाँ रोज-रोज क्यों आते हो, चले जाओ यहाँ से।” ज्ञापन में कहा गया कि थानाधिकारी की कार्यशैली पूर्णतः जातिवादी और द्वेषपूर्ण है।
साथ ही अपहरणकर्ताओं को राजनीतिक संरक्षण मिलने की आशंका है, जिस कारण स्थानीय पुलिस प्रशासन मामले को टाल-मटोल कर रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि दिनांक 23.09.2025 को कार्यालय महानिरीक्षक, अजमेर को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया, लेकिन बालिका के परिवारजनों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
कुचामन सिटी: नाबालिग अपहरण मामले में थानाधिकारी पर जातिवाद का आरोप, IG को सौंपा पत्र
ज्ञापन में मांग की गई है कि थानाधिकारी कुचामन को तुरंत प्रभाव से हटाकर निष्पक्ष और सक्षम अधिकारी से जांच करवाई जाए तथा नाबालिक अपहृत बालिका को बरामद कराया जाए।






