कुचामन सिटी में चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अबकी बार चोरों ने घरों के बजाय मंदिरों को अपना निशाना बनाया है। छोटे मंदिर जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, वहां चोर लगातार वारदातें कर रहे हैं।


एक ही रात दो मंदिरों में चोरी
हाल ही में वार्ड नंबर 20 के दो मंदिरों में एक ही रात चोरी की घटनाएं हुईं, जिनमें करीब 35 हजार रुपए की नकदी दान पात्रों से पार कर ली गई।

वार्ड के ही पदमपुरा रोड पर दीपक जनरल स्टोर के सामने स्थित प्राचीन रामदेवजी मंदिर में 31 अगस्त की रात को चोरों ने गेट का ताला तोड़कर दान पात्र उखाड़ लिया और उसमें रखी लगभग 30 हजार रुपए की नकदी ले गए।

उसी रात पास ही पार्षद छीतरमल कुमावत के घर के नजदीक बालाजी मंदिर को भी निशाना बनाया गया। यहां से भी दान पात्र तोड़कर 3 से 5 हजार रुपए की चोरी की गई।

सुबह मिली चोरी की खबर
रविवार सुबह करीब 5 बजे जब रामदेवजी मंदिर में पुजारी आरती के लिए पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मंदिर के मजबूत लोहे के बने प्रवेश द्वार का ताला टूटा हुआ था। भीतर जाने पर पता चला कि मंदिर का दान पात्र जो दीवार से लोहे की मदद से मजबूती से जड़ा हुआ था उसे उखाड़ लिया गया था। मंदिर का सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था।

निवासियों को जानकारी मिली तो उन्होंने पास ही स्थित बालाजी मंदिर को भी देखा। वहां भी मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ था और दान पात्र गायब मिला।
बता दें कि कई साल पहले भी रामदेवजी मंदिर में चोरी हो चुकी है। उस समय दान पात्र पास के ही एक खेत में पड़ा मिला था और नकदी गायब थी।
आश्चर्य की बात यह रही कि इस बार भी लोगों ने उसी खेत में तलाश की तो वहीं दोनों मंदिरों के दान पात्र पड़े मिले।
स्थानीय निवासियों ने तत्काल कुचामन सिटी पुलिस को सूचना दी जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि घटना को लगभग दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक चोरों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
आज एक और मंदिर के ताले टूटे मिले
इसी बीच चोरों ने वार्ड में एक और वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। मंगलवार 9 सितंबर की रात वार्ड नंबर 20 की राशन दुकान के पास स्थित एक धाम में चोर घुस गए और गेट का ताला तोड़ दिया, लेकिन यहां दान पात्र में नकदी नहीं मिलने से उनके हाथ खाली रह गए।
निवासी बोले – प्रशासन ने इस इलाके में एक भी सीसीटीवी नहीं लगाया
लोगों का कहना है कि इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद है। शहर में लगभग 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना थी, लेकिन इस क्षेत्र में एक भी कैमरा नहीं लगाया गया। यही वजह है कि चोर लगातार बेखौफ होकर मंदिरों को निशाना बना रहे हैं और पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही है।
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