कुचामन सिटी. मौलासर बाईपास पर आज शुक्रवार कार और बस की भिड़ंत के कारण हुए दर्दनाक हादसे के बाद डीडवाना-कुचामन जिला कलक्टर महेंद्र खडगावत और पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर कुचामन सिटी जिला अस्पताल पहुंचे।


वहां उन्होंने घायलों की स्थिति का जायजा लिया और मीडिया से बातचीत की।

हादसे की जानकारी देते हुए कलक्टर ने बताया कि इस दुर्घटना में दो लोगों की मृत्यु हो गई है, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें अजमेर के बाद जयपुर रेफर किया गया है। 3 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती है, बाकी सभी को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है।
खबर – डीडवाना: मौलासर बाईपास पर भीषण सड़क हादसा, महिला सहित दो की मौत

मीडिया ने सवाल उठाया कि हाईवे पर वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करते और अक्सर स्पीड लिमिट से अधिक गति से वाहन चलाते हैं।
इस पर कलक्टर ने जवाब दिया कि प्राइवेट बसों की फिटनेस की जांच की जाएगी और उनके ड्राइवरों का पुलिस सत्यापन किया जाएगा। साथ ही, सरकार के साथ अनुबंध के तहत बस ऑपरेटरों को स्पीड लिमिट का पालन करने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएंगे।
दूसरे सवाल में पूछा गया कि कुचामन सिटी जो एक शिक्षा नगरी के रूप में जानी जाती है। जहां बड़ी संख्या में छात्र पढ़ने आते हैं, वहां कई लोग तेज गति से वाहन चलाते हैं।
इस पर कार्रवाई के बारे में कलक्टर ने कहा कि अगले सप्ताह से इस दिशा में कई बदलाव देखने को मिलेंगे।
मुआवजे के संबंध में कलक्टर ने कहा कि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये का मुआवजा एक महीने के भीतर प्रदान किया जाता है।
नावां: ईद मिलादुन्नबी जुलूस में डीजे को लेकर विवाद, पुलिस ने रोका तो हुआ विरोध, जुलूस बंद






