डीडवाना-कुचामन जिले के नावां उपखंड से स्वतंत्रता दिवस के दिन एक ऐसा मामला सामने आया कि नवनियुक्त उपखंड अधिकारी को एपीओ करने की मांग उठ पड़ी।


आरोप है कि एसडीएम ने अधिकारियों से मिलीभगत कर नावां नगर पालिका की अध्यक्ष को नीचा दिखाने के लिए उनसे इस स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण का अधिकार छीन लिया।

दरअसल, मामला आज सुबह करीब 8 बजे का है। नावां में उपखंड स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में किया गया। जहां नवनियुक्त उपखंड अधिकारी दिव्या सोनी द्वारा ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
हालांकि, ऐसा हर उपखंड में नहीं हुआ – कुचामन में नगर परिषद सभापति द्वारा और डीडवाना में राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी द्वारा ध्वजारोहण किया गया।


मामला इसलिए उठा क्योंकि
हर साल नावां नगर पालिका द्वारा स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें अध्यक्ष जो वर्तमान में भाजपा की सायरी गांधी हैं द्वारा ही ध्वजारोहण किया जाता है। लेकिन इस बार न तो उन्हें जिस नगर पालिका की वे अध्यक्ष हैं, वहां मौका दिया गया और न ही उपखंड स्तरीय समारोह में।
इसी के चलते kuchamadi.com ने सायरी गांधी की टीम से बात की तो पूरा मामला स्पष्ट हुआ। टीम ने कहा कि अनुसूचित जाति की महिला को नीचा दिखाने के लिए यह साजिश रची गई है, जिसमें उपखंड अधिकारी और ईओ शामिल हैं, और उन्हें राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों का भी सहयोग मिल रहा है।
टीम के अनुसार – हर स्वतंत्रता दिवस से पहले मीटिंग नगर पालिका अध्यक्ष की मौजूदगी में होती है, लेकिन इस बार एसडीएम दिव्या सोनी ने खुद ही मीटिंग कर ली और निर्देश दिए कि इस बार निमंत्रण पत्र और प्रशस्ति पत्रों पर अध्यक्ष का नाम नहीं होगा।
इसके बाद आज सुबह उपखंड स्तरीय कार्यक्रम में एसडीएम ने ध्वजारोहण कर दिया। जब अध्यक्ष नगर पालिका में ध्वजारोहण करने के लिए पहुंचीं, तो उन्हें सूचना मिली कि ईओ द्वारा पहले ही ध्वजारोहण कर दिया गया है।

अध्यक्ष के समाज ने उठाई SDM को एपीओ करने की मांग –
अध्यक्ष के अपमान को लेकर मेघवाल समाज ने आज शुक्रवार शाम 5 बजे बैठक की, जिसमें फैसला किया गया कि उपखंड अधिकारी और ईओ को एपीओ किया जाए। साथ ही सोमवार को डीडवाना-कुचामन कलक्टर महेंद्र खडगावत को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। अगर फिर भी कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
वहीं, अभी तक नावां भाजपा की ओर से इस मामले में कोई बयान जारी नहीं हुआ है। अध्यक्ष की टीम ने कहा कि इस मामले की जानकारी भाजपा के मंत्री और महामंत्री को दी गई, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मामले में ईओ ने एक पत्र जारी कर कहा – अध्यक्ष का बहिष्कार नहीं किया गया
इसी बीच, नावां ईओ ने एक पत्र जारी कर जवाब पेश किया है। पत्र में कहा गया कि किसी भी तरह से नगर पालिका अध्यक्ष का बहिष्कार नहीं किया गया। समारोह के लिए की गई बैठक में अध्यक्ष को आमंत्रित किया गया था। नगर पालिका कर्मचारी द्वारा उनके घर पर आमंत्रण पत्र भी भिजवाया गया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।
तय किया गया था कि ध्वजारोहण अध्यक्ष द्वारा ही किया जाएगा, लेकिन सुबह 8 बजे तक अध्यक्ष वहां नहीं पहुंचीं। बार-बार फोन करने पर भी उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इस पर एसडीएम द्वारा ध्वजारोहण किया गया। साथ ही अध्यक्ष के लिए नामपट्टिका लगाकर बैठक व्यवस्था भी की गई थी, लेकिन उनके नहीं पहुंचने से वह स्थान खाली रहा।
हालांकि, कांग्रेस के पूर्व विधायक और उपमुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी ने कहा –
“स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर नावां नगर पालिका की अध्यक्ष (दलित महिला जनप्रतिनिधि) को नगर पालिका के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करने से दूर रखना और उपखंड स्तरीय कार्यक्रम से भी दूर रखना, दलित समाज के प्रति वर्तमान भाजपा सरकार व स्थानीय अधिकारियों की खराब मंशा को दर्शाता है।
मेघवाल समाज की पहली महिला पालिकाध्यक्ष के प्रति भाजपा पार्टी की यह सोच महिलाओं व दलित समाज के प्रति दोहरा चेहरा और चरित्र दिखाती है। राष्ट्रीय पर्व के मौके पर ऐसी घटना निंदनीय है।”






