कुचामन नगर परिषद में भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद ने तूल पकड़ लिया है। उपसभापति हेमराज चावला के निलंबन के बाद उनके और सभापति के नाम के बोर्डो को हटाए जाने को लेकर चावला ने इसे दलित विरोधी कृत्य बताया है।


कुचामन नगरपरिषद सभापति आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला निलंबित

हेमराज चावला कहा कि कुचामन नगर परिषद सभापति आसिफ खान एवं उन्हें उपसभापति के पद से राजनैतिक दुर्भावना के मध्यनज़र भाजपा के लोगों की झूठी शिकायतों पर निलंबित किये जाने के पश्चात प्रकरण उच्च न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान बकौल सफाई निरीक्षक राजेन्द्र नगर परिषद में चन्द दिनों के लिए नियुक्त कार्यवाहक सभापति व आयुक्त द्वारा कार्मिकों को निवर्तमान सभापति एवं उपसभापति के घरों के सामने लगे हुए उनके नाम के बोर्डो को काटकर हटाने को भेजना अत्यन्त ही निन्दनीय व दलित विरोधी कृत्य है।
मंत्री के आदेश पर नाम के बोर्ड हटाए ?
उन्होंने कहा कि इसका पता चलने पर उन्होंने अपने घर के सामने सड़क किनारे लगाये हुए बोर्ड को काटने का सख्त एतराज व्यक्त कर कार्मिकों के सामने की आयुक्त से मोबाईल पर बात करने पर आयुक्त द्वारा बताया गया कि हमें ऐसा ही करने का कार्यवाहक सभापति व मंत्री के आदेश है।

इसपर उन्होंने कहा कि मंत्री अब किसी एक पार्टी के ना होकर सभी के है। वो ऐसा नहीं कह सकते है फिर भी मंत्री की मर्जी तथा कार्यवाहक सभापति तो मात्र कार्यवाहक ही है।
बहुमत आज भी हमारे पास- चावला
बोर्ड के नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते है, बोर्ड के निर्वाचित पार्षदों का बहुमत आज भी हमारे पास है। हमारे निलंबन की कार्यवाही का उच्च न्यायालय में विचाराधीन रहते और इसमें कोई निर्णय आने तक आप उनके बोडों को कैसे हटा सकते है।
उनपर “पूर्व सभापति / उपसभापति” कैसे लिखा सकते है। आपको किसी को सांत्वना ही देना हो तो, कानूनन इन बोर्डों पर “निवर्तमान सभापति / उपसभापति” लिखा सकते है।
नगर कांग्रेस अध्यक्ष एवं उपसभापति ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रदेश में गत कांग्रेस शासनकाल से ही भाजपा की कुचामन पंचायत समिति प्रधान सविता चौधरी, नावां पंचायत समिति की भाजपा प्रधान संतोष गुर्जर, नावां नगरपालिका में भाजपा की चेयरमैन सायरी गांधी आजतक कार्यरत है।
इनको कांग्रेस के किसी नेता व कार्यकर्ता ने सत्ता के बल पर हटाने की किसी योजना के अन्तर्गत कभी आजतक तंग परेशान नहीं किया है और दूसरी ओर प्रदेश में भाजपा का शासन आते ही चुन चुरकर कांग्रेस शासित संस्थाओं और उनके दलित प्रतिनिधियों को निशाना बनाकर तंग परेशान कर उनके नाम के बोडों को हटाने को अमादा है, अर्थात कुचामन नावां में भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता चरम पर है, जो सर्वत्र निन्दनीय है।
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