कुचामनसिटी। नगरपरिषद चुनाव में हाइब्रिड प्रणाली से सभापति बनाए गए आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला को कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही सरकार ने निलंबित कर दिया है।



दरअसल नगरपरिषद चुनाव में भले ही भाजपा को बहुमत मिला था लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस से हाइब्रिड प्रणाली आसिफ खान सभापति बनने में कामयाब हुए थे।

सभापति आसिफ खान ने पार्षद का चुनाव नहीं लड़ा था। उन्होंने सीधे ही सभापति के लिए अपना नाम निर्देशन पत्र भरा था। इसके बाद कांग्रेस की बाड़ाबंदी और निर्दलियों समेत भाजपा में भीतरघात से आसिफ खान सभापति बने। भाजपा की सरकार बने हुए करीब 2 साल होने को है और आगामी 3 महीने बाद नगरपरिषद का वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में अब यह कार्रवाई की गई है, जिससे आगामी परिषद चुनाव में जनता को यह दिखा सके कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस के सभापति को हटाकर पार्टी का सभापति बनाया।
बोर्ड के कार्यकाल के आखिरी समय में सभापति आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला को पद से निलंबित किया गया है।

एक महीने पहले दिए जा चुके नोटिस –
स्वायत्त शासन विभाग की ओर से करीब डेढ़ महीने पहले ही सभापति आसिफ खान और करीब एक माह पहले उपसभापति हेमराज चावला को कार्य में अनियमितता के नोटिस जारी करके जवाब मांगा था। उसके बाद से शहर में सभापति और उपसभापति को हटाने की चर्चाएं शुरू हो गई थी।

लंबे इंतजार के बाद आया आदेश –
स्वायत्त शासन विभाग की ओर से मंगलवार को आदेश जारी कर सभापति आसिफ खान को और उपसभापति हेमराज चावला को निलंबित किया गया है।
दरअसल वर्तमान बोर्ड में सबसे ज्यादा लंबे समय तक पार्षद रहने वाले नेता हेमराज चावला साफ छवि के नेता है और कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल चावला का सम्मान करते है।


यह खबर भी पढ़े –
कुचामन में सभापति आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला के निलंबन की चर्चा जोरों पर
कुचामन नगरपरिषद बोर्ड मीटिंग में नेता प्रतिपक्ष ने दी धरने की चेतावनी, लगाए सभापति मुर्दाबाद के नारे






