डीडवाना-कुचामन जिले में शैक्षणिक ढांचे की बदहाल तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो शिक्षा व्यवस्था की खस्ताहाली को उजागर कर रहे हैं।

ताज़ा मामला मौलासर कस्बे के राजकीय बालिका विद्यालय का है, जहां भवन की छत इस कदर जर्जर हो चुकी है कि छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

विद्यालय की छत में जगह-जगह दरारें हैं, लोहे के सरिए बाहर निकल चुके हैं, और बरसात के दिनों में पानी टपकना आम बात हो गई है। प्लास्टर का लगातार झड़ना और छत का गिरने का खतरा स्कूल स्टाफ और बच्चों के लिए रोज़ की चिंता बन गया है। डर और दहशत के माहौल में पढ़ाई जारी है, लेकिन हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय जनप्रतिनिधि भी स्थिति से बेखबर नहीं हैं। सरपंच जोगेंद्र बलारा ने विद्यालय पहुंचकर हालात का जायजा लिया और चिंता जाहिर की।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि भवन की मरम्मत के लिए जल्द ही प्रयास किए जाएंगे। वहीं विद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस गंभीर स्थिति को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है और आज भी मरम्मत का प्रस्ताव दोबारा भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले डीडवाना की डसाना खुर्द आंगनबाड़ी और कुचामन सिटी न्यायालय भवन की भी जर्जर हालत के वीडियो सामने आ चुके हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार जिले में करीब 80% सरकारी स्कूलों की स्थिति चिंताजनक है, जिनमें से 10% ऐसे हैं जहां पढ़ाई करना बेहद खतरनाक बन चुका है। पिलर से लेकर कमरों की दीवारों तक दरारें गवाह हैं कि शिक्षा की इमारत अब खुद असुरक्षित हो चुकी है।
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