Homeकुचामनसिटीकुचामन सिटी: नन्हे कलाकारों ने जीवंत किया प्रकृति का दर्द, पौधारोपण से...

कुचामन सिटी: नन्हे कलाकारों ने जीवंत किया प्रकृति का दर्द, पौधारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

- विज्ञापन -image description
IT DEALS HUB

कुचामन सिटी. पीएम श्री जवाहर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को विश्व ओजोन दिवस पर्यावरण संरक्षण एवं ओजोन परत के संरक्षण के संदेश के साथ मनाया गया।

- विज्ञापन -image description
IT DEALS HUB

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने ओजोन परत के महत्व, इसके क्षरण के कारणों एवं संरक्षण के उपायों से संबंधित आकर्षक चार्ट एवं पोस्टर तैयार किए।

- विज्ञापन -image description

नाटक के जरिए समझाया ओजोन परत का महत्व

छात्रा कोमल ने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए सांकेतिक नाटक के माध्यम से बताया कि ओजोन परत क्या है, इसका महत्व क्या है, इसके क्षरण के प्रमुख कारण कौन-कौन से हैं तथा इसके दुष्प्रभाव क्या हो सकते हैं।

प्रधानाचार्य मंजू चौधरी ने कहा कि केवल भाषण देने अथवा औपचारिकता निभाने से पर्यावरण संरक्षण संभव नहीं है, इसके लिए व्यवहार में परिवर्तन आवश्यक है। उन्होंने अधिकाधिक वृक्षारोपण करने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने, अनावश्यक वस्तुओं के प्रयोग से बचने तथा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों के उत्सर्जन को कम करने का आह्वान किया।

- Advertisement -ishan

उन्होंने बताया कि विद्यालय में प्लास्टिक की थैलियों के उपयोग को लगभग बंद किया गया है। चाय के लिए मिट्टी के कुल्हड़ों का प्रयोग किया जा रहा है तथा निरंतर वृक्षारोपण किया जा रहा है।

उपप्रधानाचार्य डॉ. भंवरलाल गुगड़ ने बताया कि वर्ष 1985 में जो फार्मन एवं उनके सहयोगियों द्वारा अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन परत के अत्यधिक पतले होने की जानकारी सामने आने के बाद पूरे विश्व में चिंता उत्पन्न हुई तथा वर्ष 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल अस्तित्व में आया। ओजोन परत के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक वर्ष 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जहां संभव हो, पानी ठंडा रखने के लिए रेफ्रिजरेटर के स्थान पर मटके का उपयोग, प्लास्टिक की थैलियों की जगह कपड़े के थैलों का प्रयोग तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से ठंडे रहने वाले घास-फूस के छप्पर जैसी स्थानीय जीवनशैली को अपनाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि ईको क्लब द्वारा पिछले वर्षों में किए गए वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यों तथा ‘प्लास्टिक हटाओ, कुचामन बचाओ’ अभियान के अंतर्गत कपड़े के थैलों के वितरण की जानकारी भी उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों को दी गई।

लव-कुश वाटिका में पौधारोपण

कार्यक्रम की अगली कड़ी में लव-कुश वाटिका में भी पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां जवाहर विद्यालय की ईको क्लब इकाई द्वारा निरंतर चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया गया।

इस अवसर पर जवाहर विद्यालय की कक्षा 3 के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने भालू, बंदर, जिराफ, शेर, तोता आदि पशु-पक्षियों की सांकेतिक वेशभूषा धारण कर ‘एक चिड़िया है जो रहने की जगह ढूंढ रही है’ कविता पर मनमोहक नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने वन्यजीवों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने उकेरी प्रकृति

वन विभाग के अधिकारियों द्वारा यहां चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी कराया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण विषय पर चित्र बनाए। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में रेंजर अश्विनी कुमार पारीक, वन अधिकारी अर्जुन राम कड़वा, वनपाल ओमप्रकाश, रामकिशन सैनी तथा एसीएफ कमल कुमार कुमावत सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

एसीएफ कमल कुमार कुमावत ने बताया कि लव-कुश वाटिका सरकार की ऐसी पहल है, जहां लोगों को स्वच्छ, शांत एवं प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले समय में इसे कुचामन क्षेत्र के लोगों के लिए आकर्षक पिकनिक एवं प्रकृति भ्रमण स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, पहाड़ी क्षेत्र में व्यू-पॉइंट विकसित करने एवं जैव विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

रेंजर अश्विनी कुमार पारीक ने कहा कि लव-कुश वाटिका में बच्चों के लिए लगाए गए झूले तथा विभिन्न पशु-पक्षियों की आकृतियां बच्चों को आकर्षित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का पाठ विद्यार्थियों को छोटी कक्षाओं से ही व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाया जाना चाहिए।

कुचामन नगर परिषद चुनाव: सभापति पद के लिए भाजपा से महेश रामचंद्रका, कांग्रेस से आरिफ खान प्रत्याशी

जवाहर विद्यालय की ईको क्लब इकाई द्वारा डॉ. भंवरलाल गुगड़ के निर्देशन में लव-कुश वाटिका में अब तक लगभग 1,000 पौधे लगाए जा चुके हैं। प्रधानाचार्य मंजू चौधरी द्वारा भी पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में कक्षा 3 से 7 तक के विद्यार्थियों के साथ महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, मेहरों की ढाणी के विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की। इस अवसर पर बरगद का पौधा रोपा गया, जबकि विद्यार्थियों ने आम का पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में रेंजर अर्जुन राम, उपप्रधानाचार्य डॉ. भंवरलाल गुगड़ तथा कमल कुमार जांगिड़ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। लव-कुश वाटिका कर्मचारी राजूराम बुगालिया सहित वन विभाग के बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कुचामन सिटी: दशलक्षण महापर्व का श्रद्धा-भक्ति के साथ शुभारंभ

- Advertisement -
image description
IT DEALS HUB
image description
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -image description

Most Popular

Recent Comments