कुचामन सिटी के घाटी कुआं स्थित दिगंबर जैन तेरहपंथी मंदिर में शनिवार सुबह एक अद्भुत घटना सामने आई। मंदिर में विराजमान भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर स्वतः जल की धारा प्रवाहित होती दिखाई दी।
मंदिर समिति और श्रद्धालुओं ने इसे देवकृत जलाभिषेक बताते हुए इसे अतिशयकारी घटना बताया।

मंदिर समिति के सचिव सुभाष पहाड़िया ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे श्रावक नित्य नियम के अनुसार प्रक्षाल एवं कलशाभिषेक की तैयारियों के लिए मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर बिना किसी मानवीय प्रयास के जल की धारा प्रवाहित होते देखी।
इस घटना के प्रत्यक्ष साक्षी विजय कुमार, चिरंजीलाल, अशोक कुमार, अर्पित, अमित पहाड़िया, पूर्णमल झांझरी और निर्मल पहाड़िया रहे। उन्होंने बताया कि प्रतिमा पर स्वतः जलाभिषेक होते देखकर वे अचंभित रह गए।

खबर फैलते ही मंदिर पहुंचने लगे श्रद्धालु
मंदिर में देवकृत अभिषेक की खबर शहर में फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटी कुआं स्थित मंदिर पहुंचने लगे। जैन समाज के साथ अन्य समाजों के लोगों ने भी मंदिर पहुंचकर भगवान आदिनाथ के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
समाजजनों के अनुसार जैन परंपरा में तीर्थंकर प्रतिमा पर स्वतः या देवकृत कलशाभिषेक को शुभ एवं मंगलकारी माना जाता है। श्रद्धालुओं ने इस घटना को नगर और क्षेत्र के लिए कल्याणकारी बताते हुए भगवान आदिनाथ से सुख-समृद्धि की कामना की।
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