कुचामन में आज सुबह से चुनावी प्रचार का दौर और बढ़ गया है। प्रत्याशी डीजे और अपने समर्थकों के साथ रैलियां निकाल रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा नेताओं के दबाव में गायब हो गए है। उनसे संपर्क ही नहीं हो पा रहा है। भाजपा के नेता और संगठन के लोग उनसे संपर्क करने और फार्म उठाने का दबाव बनाने के लिए हर संभव हथकंडे अपना रहे है।

कई प्रत्याशी एक ओर जहां गाड़ियों के काफिले के साथ जनता के सामने हाथ जोड़ते हुए और मालाएं पहने अपनी जीत की पूरी तैयारी में लगे हैं। वहीं बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के अन्य पदाधिकारी फैला रायता समेटने में लगे हैं, मतलब बागियों को हटाने और समर्थकों को साधने में जुटे हैं।
पार्टियों में पद और जिम्मेदारी का प्रलोभन
भाजपा और कांग्रेस के नाराज दावेदारों को इस वक्त कई तरह के ऑफर दिए जा रहे हैं, ताकि उन्हें कैसे न कैसे चुनावी मैदान से हटाया जा सके। संगठन में पद और बड़ी जिम्मेदारी देने का भरोसा दिया जा रहा है। हालांकि, नाराज कई प्रत्याशी मानने को राजी नहीं हैं। उल्टा निर्दलीय प्रत्याशियों ने प्रचार-प्रसार तेज कर दिया है। बैठकें कर अपने वार्ड के वोटों को साधने का काम शुरू कर दिया है।

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जिनकी टिकट कटी है, अब उनके वोट काटने के डर से पार्टियां उनकी मनुहार करने में जुटी हैं। टिकट कटने के बाद नाराज दावेदारों का निर्दलीय मैदान में उतरना दोनों प्रमुख दलों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। ऐसे में पार्टियों के पदाधिकारी लगातार उनसे संपर्क साध रहे हैं और उन्हें मनाने की कोशिश की जा रही है।
अधिकांश वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला
शहर के कुछेक वार्डों को छोड़ दे तो अधिकांश वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। जहाँ परिस्थितियां ऐसी बन रही है समर्थक भी निर्दलीय प्रत्याशी के साथ दमखम लगाकर जुट रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस की बगावत वार्डों में खुले तौर पर देखी जा रही है। जिन प्रमुख दलों पर अब तक लोगों का भरपूर विश्वास रहा है। वहीं इस बार चुनाव में बागी नेताओं के साथ बागी समर्थक भी खुलकर बगावत कर रहे हैं।
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