कुचामन सिटी. शहर की सीवरेज एवं जल प्रदाय योजना में लापरवाही के मामले में ताल्लुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश कुसुम सुत्रकार के समक्ष सुनवाई हुई।

इस दौरान एल एंड टी के प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह तथा रुडीप के प्रतिनिधि न्यायालय में उपस्थित हुए।

प्रार्थी हरीश कुमावत पारीक कॉलोनी एवं हॉस्पिटल रोड के निवासियों के साथ अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक एवं कोमल पारीक के साथ न्यायालय में उपस्थित हुए।
अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक ने न्यायालय को बताया कि शहर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उपखंड अधिकारी एवं नगर परिषद आयुक्त की है। लेकिन नोटिस की तामील होने के बावजूद दोनों अधिकारी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।

वहीं एल एंड टी और रुडीप की ओर से केवल प्रतिनिधियों को भेजा गया, जबकि इस मामले में सक्षम अधिकारियों द्वारा जवाब दिया जाना आवश्यक था। इस पर न्यायालय ने उपस्थित प्रतिनिधियों तथा अनुपस्थित अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि 13 अगस्त को सभी पक्षकार व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित रहें।
सुनवाई के दौरान सीवरेज परियोजना की खामियों से परेशान पारीक कॉलोनी के निवासी राधेश्याम स्वामी एवं रूप सिंह राजपुरोहित ने घरों में बदबू आने की शिकायत रखी। वहीं बनवारी लाल पारीक, सोहन लाल पारीक, रमेशचंद खरीट, तुलसीराम शर्मा, पवन पुरोहित एवं संदीप अग्रवाल ने सीवरेज प्रणाली बाधित होने से हो रही समस्याओं से न्यायालय को अवगत कराया।
इस पर न्यायाधीश कुसुम सुत्रकार ने निर्देश दिए कि न्यायालय में उपस्थित सभी प्रभावित व्यक्तियों की सूची तैयार कर आगामी तीन दिनों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें राहत दिलाई जाए।
अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक ने न्यायालय को बताया कि शहर में पिछले कुछ दिनों से चर्चा है कि एल एंड टी एवं रुडीप सेटिस्फेक्शन सर्टिफिकेट जारी करवाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि अभी भी कार्य अधूरे हैं और सैकड़ों घरों में आज तक सीवरेज एवं पेयजल कनेक्शन नहीं हुए हैं।
इस पर एल एंड टी एवं रुडीप के प्रतिनिधियों ने न्यायालय में कहा कि उन्होंने किसी प्रकार का सेटिस्फेक्शन सर्टिफिकेट नहीं मांगा है।
सुनवाई के दौरान अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांत प्रतिनिधि कृष्ण पारीक, सोनल वैष्णव, डॉ. हरीश कुमावत, जितेंद्र ओझा सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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