नावां: पटवार संघ ने डीसीएस गिरदावरी में आ रही तकनीकी समस्याओं के समाधान, राजस्व विभाग द्वारा जारी परिपत्र को प्रत्याहरित करने तथा पटवारी संवर्ग की विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर एवं उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मांग-पत्र सौंपा।

संघ ने मांग-पत्र में बताया कि राजस्थान की अधिकांश तहसीलों को ऑनलाइन करने के बाद संवत 2077 से 2079 तक राज खसरा गिरदावरी ऐप के माध्यम से गिरदावरी का कार्य करवाया गया।

संघ का कहना है कि तीन वर्ष का डेटा लेकर संबंधित कंपनी चली गई, जिसके चलते इन वर्षों का गिरदावरी डेटा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। इसके बाद डीसीएस गिरदावरी ऐप के माध्यम से लोकेशन आधारित गिरदावरी करवाई जा रही है, लेकिन इसमें लगातार तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं।
संघ के अनुसार – कई गांवों के डिजिटल एवं जियो नक्शों में समानता नहीं है। अनेक स्थानों पर नक्शों में ओवरलैपिंग की समस्या है, जबकि मौके की स्थिति और रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (ROR) में भी अंतर है। नेटवर्क की समस्या के साथ क्षेत्रफल और खसरों की अधिकता के कारण सर्वेयर की व्यवस्था की गई है, लेकिन उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिलने और मानदेय के भुगतान में देरी की समस्या भी सामने आ रही है।

पटवार संघ ने राजस्व (ग्रुप-1) विभाग द्वारा जारी 5 फरवरी 2026 के परिपत्र को प्रत्याहरित करने की मांग की है। संघ का कहना है कि तकनीकी कारणों, एक खसरे में एक से अधिक फसलें होने अथवा मानवीय भूल के कारण गिरदावरी में मामूली त्रुटियां होना संभव है। ऐसी त्रुटियों के सुधार की व्यवस्था होने के बावजूद सीधे राजस्व मंडल स्तर पर कार्रवाई का प्रावधान किया जाना पटवारियों में भय का वातावरण पैदा कर रहा है।
संघ ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर वह राजस्व मंडल एवं राजस्व विभाग को कई बार ज्ञापन दे चुका है। संगठन के अनुसार मांगों की अनदेखी के चलते पटवार संघ ने 1 अगस्त 2026 से डीसीएस गिरदावरी का बहिष्कार तथा 18 अगस्त 2026 से कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर कार्य करने का निर्णय लिया है।
प्रमुख मांगें –
– डीसीएस गिरदावरी ऐप में आवश्यक तकनीकी संशोधन किए जाएं।
– बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए तथा गिरदावरी लॉक होते ही मानदेय दिया जाए।
– सर्वेयर एवं पटवारी वर्ग की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
– 5 फरवरी 2026 को जारी राजस्व विभाग के परिपत्र को प्रत्याहरित किया जाए।
– पटवारी पद को तकनीकी पद घोषित कर ग्रेड पे 3600/पे लेवल-10 दिया जाए।
– पटवारी संवर्ग के पदोन्नति अवसर बढ़ाने के लिए कैडर का पुनर्गठन किया जाए।
– सभी लंबित पदोन्नतियां की जाएं और भविष्य में समयबद्ध पदोन्नति के लिए कैलेंडर जारी किया जाए।
– पटवारियों के विभिन्न भत्तों में वृद्धि की जाए तथा ग्रामीण क्षेत्र भत्ता और ट्रेवलिंग अलाउंस शुरू किया जाए।
– स्थानांतरण के लिए स्पष्ट नीति लागू की जाए।
– सभी पटवार मुख्यालयों पर पटवार भवनों का निर्माण कर लैपटॉप, प्रिंटर, इंटरनेट, फर्नीचर एवं पूर्णकालिक सहायक ग्राम प्रतिहारी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
ज्ञापन देने वालों में पटवार संघ अध्यक्ष रमेश ढकरवाल, रामप्रसाद तंवर, अशोक गिवारिया, रामनिवास बाज्या, मुकेश कुमार, संतोष देवी, मुकेश सांडेल, टीना वर्मा सहित कई पटवारी शामिल रहे। सभी ने उपखण्ड अधिकारी नावां हुक्मीचंद रोहलानिया को ज्ञापन सौंपा।






