कुचामन सिटी. गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति भारत, कुचामन शाखा द्वारा आयोजित गुरु वंदन सप्ताह के अंतर्गत गुरु पूर्णिमा से निरंतर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में सप्ताह के षष्ठम दिवस, सावन के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक कर राष्ट्र की समृद्धि, विश्व शांति, मानव कल्याण तथा गर्भस्थ शिशुओं की सुरक्षा एवं संस्कारमय समाज के निर्माण की मंगलकामना की गई। मुख्य यजमान के रूप में अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा ने सपत्नीक पूजा-अर्चना की।

समिति के इकाई अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि भारतीय संस्कृति में गुरु एवं भगवान शिव दोनों ही ज्ञान, तप, त्याग और लोककल्याण के प्रतीक हैं। गुरु वंदन सप्ताह का उद्देश्य समाज में गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा जागृत करना, संस्कारों का संवर्धन करना तथा युवा पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना है।
इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराने वाले मुख्य पंडित राजकुमार शर्मा का समिति की ओर से दुपट्टा एवं पुष्पमाला पहनाकर भावपूर्ण अभिनंदन किया गया। उपस्थित सभी साधकों ने उनका सम्मान करते हुए धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में उनके योगदान की सराहना की।

समिति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु का सम्मान, धर्म का आचरण और संस्कारों का संरक्षण ही एक सशक्त एवं संवेदनशील समाज की आधारशिला है। गर्भस्थ शिशु संरक्षण का संकल्प भी इन्हीं जीवन मूल्यों का विस्तार है, जिसके माध्यम से भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान नगर में निकली विशाल कांवड़ यात्रा का भी समिति के पदाधिकारियों एवं साधकों द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। शिवभक्त कांवड़ियों का अभिनंदन करते हुए समिति ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं तथा सावन मास की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डाला। श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” एवं “बोल बम” के जयघोष के साथ वातावरण को शिवमय बना दिया।
कार्यक्रम में समिति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री, इकाई अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा, संरक्षक भंवरलाल पुरोहित, उपाध्यक्ष मुरलीधर गोयल, मनोहर पारीक, जितेन्द्र सिंह राजपुरोहित, सत्यनारायण मोर, प्यारेलाल कुमावत, राजूराम नेहरा, गिरधारी दीक्षित, जयराम सहित समिति के अनेक साधक एवं शिवभक्त श्रद्धालु उपस्थित रहे।






