कुचामन सिटी. पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी विमल नाथ को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही एवं वाहन में लगे जीपीएस की मदद से महिंद्रा ट्रैक्टर और पानी का टैंकर भी बरामद कर लिया है।

पुलिस के अनुसार – आरोपी राजस्थान के वाहन मालिकों को अधिक किराये और कमीशन का लालच देकर वाहन किराये पर लेता था और बाद में उन्हें गुजरात ले जाकर अन्य लोगों के पास गिरवी रखकर रकम प्राप्त करता था।
दरअसल, परिवादी श्रवणराम बिजारणिया निवासी निमोद, हाल नये बस स्टैंड के पास कुचामन सिटी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसके स्वामित्व का महिंद्रा ट्रैक्टर मय पानी टैंकर, जिससे वह अपना जीविकोपार्जन करता है। आरोपी ने ट्रैक्टर-टैंकर को किराये पर लेने का विश्वास दिलाते हुए प्रतिमाह 40 हजार रुपए किराया देने का आश्वासन दिया। विश्वास में लेकर आरोपी वाहन को गुजरात ले गया। कुछ समय बाद आरोपी ने परिवादी के फोन उठाना बंद कर दिया।

इस पर परिवादी ने पुलिस थाना कुचामनसिटी में प्रकरण संख्या 225, दिनांक 5 जुलाई 2026, धारा 318(4), 316(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज करवाया। प्रकरण का अनुसंधान एएसआई जगदीश प्रसाद द्वारा शुरू किया गया।
कुचामन पुलिस ने गुजरात से पकड़ा आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुसंधान अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर आरोपी के संभावित ठिकानों पर गुजरात भेजी गई। पुलिस टीम ने लगातार 5-6 दिनों तक तलाश करते हुए विमल नाथ (30) पुत्र बटुक नाथ उर्फ नाथ बाबा निवासी थाना अंजार, गुजरात को डिटेन किया।
पुलिस ने वाहन में लगे जीपीएस की लोकेशन के आधार पर ट्रैक्टर को माधवपुर, जिला पोरबंदर तथा पानी के टैंकर को राधवपुर, जिला पाटन से बरामद किया। आरोपी से पूछताछ एवं अनुसंधान जारी है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में अन्य वारदातों का खुलासा होने की भी संभावना है।
यह था आरोपी का तरीका-ए-वारदात
अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी राजस्थान के वाहन मालिकों से ट्रैक्टर, पिकअप, जेसीबी, कैंपर सहित अन्य वाहन किराये पर लेने के लिए संपर्क करता था। स्थानीय स्तर पर वाहन किराये पर लगवाने के नाम पर कमीशन और अधिक किराये का लालच देकर वाहन मालिकों से एग्रीमेंट करता था तथा कुछ राशि एडवांस भी देता था।
इसके बाद आरोपी वाहनों को गुजरात मंगवाकर वहां किसी अन्य व्यक्ति के नाम एग्रीमेंट करवा देता था। वाहन मालिकों को एग्रीमेंट के अनुसार वाहन रखने की बात कहकर वापस भेजने के बाद वह वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर उनके बदले रकम प्राप्त कर लेता था। वाहन मालिक जब किराये या वाहन के संबंध में उससे संपर्क करते तो आरोपी फोन उठाना बंद कर देता था।
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पुलिस की कार्रवाई डॉ. प्यारेलाल शिवरान (आईपीएस), पुलिस अधीक्षक, जिला डीडवाना-कुचामन के निर्देशन में, विमल सिंह नेहरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कुचामन शहर एवं विक्की नागपाल, वृत्ताधिकारी मकराना के निकटतम सुपरविजन तथा राजेन्द्र खदाव, पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी पुलिस थाना कुचामनसिटी के नेतृत्व में की गई।






