कुचामन सिटी. गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति भारत की कुचामन इकाई के तत्वावधान में गुरुवार को समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी एवं राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री के सानिध्य में समिति साधकों की प्रेरक बैठक आयोजित हुई।

बैठक में गर्भस्थ शिशु संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, संस्कार निर्माण, महिला शिक्षा, बेटियों का समय पर विवाह तथा परिवार एवं समाज में नैतिक मूल्यों के संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक मंथन किया गया।

कुचामन इकाई अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी ने कहा कि “गर्भस्थ शिशु की रक्षा और संस्कारित समाज का निर्माण ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।”
उन्होंने प्रत्येक साधक से घर-घर जनजागरण कर कन्या संरक्षण, नारी सम्मान एवं संस्कार आधारित समाज निर्माण के अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। सचिव परमानंद अग्रवाल ने वर्ष भर में आयोजित हुई गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।

बैठक के दौरान समिति ने वरिष्ठ शिक्षाविद् मधुसूदन पुरोहित एवं भंवरलाल पारीक को कुचामन इकाई का संरक्षक मनोनीत किया। इस अवसर पर दोनों का पारंपरिक साफा बंधवाकर, माला एवं सम्मान-दुपट्टा ओढ़ाकर भावभीना अभिनंदन किया गया। उपस्थित साधकों ने करतल ध्वनि से उनका स्वागत करते हुए शुभकामनाएँ प्रकट कीं।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री ने कहा कि समिति के साधक सामाजिक परिवर्तन की सशक्त कड़ी हैं। उनके सेवा भाव, समर्पण और सतत जनसंपर्क से ही भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है तथा संस्कारित एवं जागरूक समाज का निर्माण संभव है।
बैठक में प्रांतीय सचिव श्यामसुंदर सैनी, सचिव परमानंद अग्रवाल, युवा इकाई अध्यक्ष भरत स्वामी, मुरलीधर गोयल, सत्यनारायण मोर, मनोहर पारीक, अनन्त तिवाड़ी, प्यारेलाल कुमावत, सहित अनेक साधक उपस्थित रहे। अंत में समिति के जनजागरण अभियानों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुँचाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
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