कुचामन सिटी. भारतीय संगीत सदन, कुचामन के तत्वावधान में शुक्रवार शाम संस्थान के प्रांगण में “मोहम्मद रफी नाइट” का भव्य आयोजन किया गया।

संगीत सदन के मीडिया प्रभारी विमल पारीक एवं ओमप्रकाश कुमावत ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य स्वर साम्राट के बेताज बादशाह स्वर्गीय मोहम्मद रफी को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा संगीत प्रेमियों को उनके कालजयी गीतों से रूबरू कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संगीत सदन के संरक्षक विनोद आचार्य एवं मुख्य अतिथि भेरूलाल मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
उद्घाटन प्रस्तुति में कलाकार राजेश ने “दीवाना हुआ बादल” गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इसके बाद संस्थान से संगीत की शिक्षा प्राप्त विद्यार्थियों एवं क्षेत्र के वरिष्ठ गायक कलाकारों ने एक के बाद एक रफी साहब के सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम में “जनम-जनम का साथ है”, “मेरी मोहब्बत जवां”, “एहसान तेरा होगा”, “लिखे जो खत तुझे”, “जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा”, “पत्थर के सनम” सहित कुल 26 गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।
इस अवसर पर गायक मुकेश ने “तुम मुझे यूं भुला न पाओगे”, असलम ने “बर्बाद मोहब्बत की”, यूसुफ ने “सुख के सब साथी”, घनश्याम ने “रंग और नूर की बारात” तथा भानूप्रकाश ने “पत्थर के सनम” गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित संगीत प्रेमियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सभी गायक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। पूरा वातावरण संगीतमय एवं भाव-विभोर कर देने वाला रहा।
अंत में भारतीय संगीत सदन के अध्यक्ष शिव कुमार अग्रवाल सहित संस्थान के पदाधिकारियों ने सभी कलाकारों, अतिथियों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।






