कुचामन सिटी. भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं अमन-चैन की मंगलकामना से आयोजित नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत आज प्रातःकाल भव्य कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ।


कलशाभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रावक श्रेष्ठी तेजकुमार-शकुंतला, पंकज-मंजू, प्रवीण बड़जात्या परिवार, विमलकुमार-नवीन-पदमा-दर्शन पाटोदी परिवार तथा पदमचंद भरतिया परिवार, सीकर को प्राप्त हुआ। सभी ने शांतिधारा कर धर्मलाभ अर्जित किया।

लालचंद पहाड़िया, अमित पाटोदी ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व वर्ष में तीन बार- कार्तिक, फाल्गुन एवं आषाढ़ मास में आता है। इन पावन अवसरों पर नंदीश्वर द्वीप विधान एवं सिद्धचक्र विधान का विशेष महत्व माना जाता है।
कुचामन सिटी: सिद्धचक्र विधान में 32 गुणों सहित 64 ऋद्धियों के अर्घ्य समर्पित

आज के विधान पूजन में शांति देवी, पुष्पा अजमेरा, मंजू, संतोष, चंदा देवी काला, कमला देवी, हीरामणी, कुसुम पाटोदी, मैना देवी, सुशीला, सलोचना, सरला, रेखा पहाड़िया, कमला देवी झाझरी, ज्ञानमती, आभा, संतोष, हीरा, विनीता, ममता, पांडया तारा देवी, संतोष,मंजू सुनिता,गगवाल, बेबी काशलीवाल तथा राजकुमारी पाटनी, सन्तोष ठोल्या सहित अनेक श्राविकाओं ने श्रद्धापूर्वक पूजन कर पुण्यार्जन किया।
सुरेश पांड्या, माणकचंद काला के अनुसार – आज कलशाभिषेक के पश्चात देव-शास्त्र पूजन, पंचमेरु पूजन, नंदीश्वर द्वीप पूजन एवं मूलनायक भगवान महावीर स्वामी की पूजा सम्पन्न हुई।
इसके उपरांत आयोजित सिद्धचक्र विधान में पाप दहन के 128 अर्घ्य अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं विश्व शांति की मंगलभावनाओं के साथ समर्पित किए गए। विधान में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
कुचामन सिटी में प्रधानमंत्री का पुतला दहन, युवाओं की मांगों के समर्थन में कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन






