कुचामन सिटी. भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं अमन-चैन की मंगलकामना से आयोजित नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के पंचम दिवस शनिवार को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुए।


प्रातःकाल भव्य कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन किया गया। कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य सुरेश कुमार, संदीप कुमार पांडया परिवार तथा माणकचंद, राकेश कुमार एवं भव्य कुमार काला परिवार (सबलपुरा) को प्राप्त हुआ। सभी ने श्रद्धापूर्वक शांतिधारा कर धर्मलाभ अर्जित किया।
लालचंद पहाड़िया एवं तेजकुमार बड़जात्या ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व वर्ष में तीन बार आता है। इस पावन अवसर पर नंदीश्वर द्वीप विधान एवं सिद्धचक्र विधान का विशेष महत्व माना जाता है।

विधान पूजन में चिरजीलाल, अमित, मनोज, अशोक, भव्य पाटोदी, भंवरलाल झाझरी, विमल कुमार, विशाल पाटोदी, महेंद्र, विकास, नीरज पहाड़िया, मनीष गंगवाल, संतोष, विकास काला सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कलशाभिषेक कर पूजन किया। शांतिधारा का वाचन ममता पांड्या ने किया।
सुरेश पांड्या एवं माणकचंद काला ने बताया कि कलशाभिषेक के पश्चात नवदेवता पूजन, पंचमेरु पूजन, मुनीश्वरनाथ भगवान पूजन, मूलनायक भगवान महावीर स्वामी की पूजा तथा सिद्धचक्र पूजन संपन्न हुआ।

इसके उपरांत आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान में बृहद् पंच परमेष्ठी के 251 अर्घ्य विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं सर्वजन मंगल की भावना के साथ समर्पित किए गए। सायंकाल सिद्धचक्र विधान की भव्य महाआरती भी आयोजित की गई।
विधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया तथा विश्व कल्याण, शांति एवं सद्भाव की मंगलकामना की।






