कुचामन के राजकीय जिला चिकित्सालय में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण फैलने का मामला सामने आया है।

सबसे पहले पांच मरीजों की आंखों में संक्रमण की शिकायत सामने आई थी। जिन्हें गंभीर हालत में जयपुर स्थित सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल रेफर किया गया।

इसके बाद ऑपरेशन कराए दो अन्य मरीजों की आंखों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए अजमेर रेफर किया गया। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया है।
28 जुलाई को हुए थे मोतियाबिंद के ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार – 28 जुलाई को अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए थे। ऑपरेशन के करीब 24 घंटे बाद सबसे पहले पांच मरीजों की आंखों में संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए और उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें जयपुर भेजा गया।

बाद में ऑपरेशन कराए दो अन्य मरीजों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई। इस प्रकार संक्रमण से प्रभावित मरीजों की कुल संख्या सात हो गई। सभी मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है और उनकी आंखों की रोशनी बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सात मरीज हुए प्रभावित
संक्रमण से प्रभावित मरीजों में गोकुल कंवर पत्नी प्रहलाद सिंह (70) निवासी तोषीणा, हीरांराम पुत्र भगवाना राम (73) निवासी चितावा, मीरा पत्नी मोहनराम (58) निवासी चितावा, घासीराम पुत्र पेमाराम (64) निवासी सिंगरावट, नारायणी देवी पत्नी मनरूप राम (67) निवासी बोरावड़, कानूड़ी पत्नी बिरमाराम (71) निवासी कुचामन सिटी तथा खेमाराम पुत्र अर्जुन राम (61) निवासी लूणवां शामिल हैं।
ऑपरेशन करने वाली मेडिकल टीम
अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन मेडिकल टीम द्वारा किए गए थे। टीम में डॉ. विनोद सागर, डॉ. राजकुमारी रणवां, सुमन कुमावत (ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट) तथा मुरली (वार्ड बॉय) शामिल थे।
एसएमएस में गठित किया गया मेडिकल बोर्ड
मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में चार सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। बोर्ड में नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत के साथ डॉ. मनीष शर्मा, डॉ. पंकज शर्मा और डॉ. संजय शर्मा को शामिल किया गया है। मेडिकल बोर्ड मरीजों के उपचार की निगरानी कर रहा है और संक्रमण को नियंत्रित कर उनकी आंखों की रोशनी सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम सुरेन्द्र चौधरी और एडीएम रतन राम स्वामी ने राजकीय उप जिला चिकित्सालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने अस्पताल में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा मामले की जानकारी ली। वहीं, घटना के बाद अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है, जबकि सभी मरीजों का जयपुर के एसएमएस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार जारी है।
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