कुचामन सिटी. भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं अमन-चैन की मंगलकामना के साथ आयोजित अष्टान्हिका पर्व के अंतर्गत नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के सप्तम दिवस विविध धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुए।


प्रातःकाल भगवान का कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन हुआ। शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रावक रामेश्वरलाल, सुशील कुमार, प्रवीण, नवीन गंगवाल परिवार (लाडड़िया वाले), लालचंद, कमल कुमार, मैना देवी, पंकज, अरविंद, अभिषेक, सिद्धार्थ पहाड़िया परिवार (कुचामन) तथा संजय कुमार, मनीष कुमार गंगवाल (लाडड़िया वाले) को प्राप्त हुआ। शांतिधारा का वाचन सुरेश कुमार पांड्या ने किया।

लालचंद पहाड़िया ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व में आयोजित सिद्धचक्र विधान का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है।
कलशाभिषेक के पश्चात आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान में पंच परमेष्ठी की आराधना के अंतर्गत 851 अर्घ्य विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं सर्वजन मंगल की भावना से समर्पित किए गए। अर्घ्य समर्पित करने वालों में शांति देवी, पुष्पा अजमेरा, कमला देवी, हीरारमणी, कुसुम पाटोदी, मंजू, संतोष चंदा, काला, मैना देवी, सुशीला, सुलोचना, सरला, रेखा, ममता पहाड़िया, कमला देवी झांझरी, ज्ञानमती, आभा, संतोष, हीरा, विनीता, ममता, तारा देवी पांड्या, मंजू, सुनीता गंगवाल, बेबी काशलीवाल, राजकुमारी, पाटनी तथा संतोष ठोल्या सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

सायंकाल श्री सिद्धचक्र विधान की भव्य महाआरती सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ अर्जित किया।
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