कुचामन सिटी. भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं अमन-चैन की मंगलकामना से आयोजित अष्टान्हिका पर्व के अंतर्गत नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के षष्ठम दिवस विविध धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुए।


प्रातःकाल भगवान का भव्य कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन किया गया। कलशाभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रावक लालचंद, कमल कुमार, पियूष, गुज्जन, रेखा, वीर पहाड़िया परिवार, विमलचंद, सुशीला, विनय, मनीषा, विकास, कल्पना पहाड़िया परिवार तथा लालचंद, पुष्पा, अनीष, सोनू, मनीष अजमेरा परिवार (टोडास) को प्राप्त हुआ। सभी ने श्रद्धापूर्वक शांतिधारा कर धर्मलाभ अर्जित किया।

लालचंद पहाड़िया ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व में श्री सिद्धचक्र विधान का विशेष महत्व माना जाता है। आज पूजन का सौभाग्य सुरेश, अमित, मनोज, विशाल पाटोदी, भंवरलाल झाझरिया, लालचंद, महेंद्र, विकास, नीरज, विशाल पहाड़िया, मनीष, राजेश, प्रदीप गगवाल, संतोष, विकास काला, राजेश, प्रतीक, नन्नू पांड्या, अशोक अजमेरा, मनोज गोधा, अशोक बज एवं तेजकुमार बड़जात्या सहित अनेक श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं को प्राप्त हुआ। सभी ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजन कर पुण्यार्जन किया। शांतिधारा का वाचन सुरेश कुमार पांड्या ने किया।
कलशाभिषेक के पश्चात अष्टान्हिका पर्व पर आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान में सिद्धों की आराधना स्वरूप पंच परमेष्ठी के 501 अर्घ्य विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं सर्वजन मंगल की भावना के साथ समर्पित किए गए। सायंकाल श्री सिद्धचक्र विधान की भव्य महाआरती संपन्न हुई।

विधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया।
कुचामन सिटी: सिद्धचक्र महामंडल विधान के पंचम दिवस 251 अर्घ्य समर्पित






