कुचामन सिटी. ग्राम हिराणी सीमा क्षेत्र के दीपपुरा-हिराणी इलाके की विभिन्न ढाणियों को जोड़ने वाले करीब 70 साल पुराने रास्ते को एक निजी खातेदार द्वारा बंद किए जाने के बाद बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।


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दीपपुरा के सुमेरसिंह की ढाणी से इंडाली रोड होते हुए गुर्जरों, कुमावतों व जाटों की ढाणियों तक जाने वाले इस मुख्य आम रास्ते को बंद करने के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं, बच्चे, किसान और पशुपालक एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और धरने पर बैठकर रास्ता खुलवाने की मांग करने लगे।
ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार रात अचानक रास्ते पर ट्रैक्टर चलाकर पत्थर डाले गए तथा कंटीली झाड़ियां बिछाकर रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया। इसके कारण रातभर लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला, लेकिन रास्ता पूरी तरह सुचारू नहीं हो सका।

भीषण गर्मी में महिलाएं-बच्चे बैठे धरने पर :-
बुधवार सुबह मामला और बढ़ गया। कोऑपरेटिव चेयरमैन चेनाराम गुर्जर दीपपुरा के नेतृत्व में हरदेवराम कुमावत, किशनाराम, जोराराम कुमावत, गोपाल कुमावत, जालूराम लोरा, भींवाराम, बंशीलाल, भंवरलाल गुर्जर, श्रीराम गुर्जर, मुकनाराम गुर्जर, जोधाराम कुमावत, गणेश गुर्जर, किशनी देवी, धन्नी देवी, राधा देवी, संतु देवी और सोहनी देवी सहित सैकड़ों ग्रामीण सुबह 10 बजे से एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
एसडीएम विश्वामित्र मीणा के नावां में बैठक में होने के कारण ग्रामीणों को दोपहर तक इंतजार करना पड़ा। बाद में ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रास्ते को स्थायी रूप से खुलवाने, चौड़ा करवाने तथा भविष्य में रास्ते से छेड़छाड़ करने वालों को पाबंद करने की मांग की गई।

ग्रामीणों ने पुलिस सीआई सतपाल सिंह को भी ज्ञापन सौंपकर रास्ते को बार-बार बंद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रभारी मंत्री ने एसडीएम को दिए निर्देश, फिर पहुंची टीम :-
मामले की जानकारी मिलने पर डीडवाना-कुचामन जिला प्रभारी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने दूरभाष पर एसडीएम विश्वामित्र मीणा से बात कर तत्काल रास्ता खुलवाने और आमजन को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा रास्ता रोकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर खुलवाया रास्ता :-
प्रभारी मंत्री के निर्देशों के बाद एसडीएम ने तत्काल राजस्व विभाग की टीम मौके पर रवाना की। टीम में आरआई ब्रिजेश राजोरा और पटवारी हिराणी अणदाराम कुमावत शामिल रहे। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर रास्ते से कंटीली झाड़ियां हटवाईं और रास्ते को पुनः सुचारू करवाया।
जांच के दौरान टीम ने पाया कि यह रास्ता लंबे समय से उपयोग में लिया जा रहा है और कई ढाणियों को जोड़ता है। प्रशासन ने रास्ता बंद करने के आरोपित खातेदार धन्नाराम कुमावत सहित उनके परिवारजनों को भविष्य में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने की चेतावनी देते हुए पाबंद किया।
न्यायालय में विचाराधीन है मामला :-
ग्रामीणों के अनुसार मौजा ग्राम हिराणी, पटवार हल्का हिराणी के खसरा नंबर 74 से गुजरने वाला यह कदीमी रास्ता करीब 70 वर्षों से आम रास्ते के रूप में उपयोग में लिया जा रहा है। इसी रास्ते से आसपास की कई ढाणियों के लोगों का आवागमन होता है। ग्रामीणों का कहना है कि तहसीलदार और पटवारी की रिपोर्ट में भी इसे चालू और पुराना रास्ता बताया गया है। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद रास्ता बंद कर दिया गया।
स्थायी समाधान नहीं हुआ तो भूख हड़ताल करेंगे ग्रामीण :-
रास्ता बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और पशुपालकों को हुई। ग्रामीणों ने बताया कि पीने के पानी के टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई, वहीं किसानों को खेतों तक पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि रास्ता पहले से ही काफी संकरा है और दोनों तरफ कंटीली झाड़ियां लगा देने से आवाजाही लगभग बंद हो गई थी। लोगों ने रास्ते को चौड़ा करने की भी मांग की।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने स्थायी समाधान नहीं किया तो आंदोलन को उग्र करते हुए भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
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