नावां: बहुचर्चित नमक कारोबारी और हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया हत्याकांड में अदालत ने आज बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।



कुचामन के एडीजे कोर्ट ने मुख्य आरोपी मोती सिंह (तत्कालीन विधायक के भाई) सहित कुल 9 दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत ने एक दिन पहले हुई सुनवाई में 11 में से 9 आरोपियों को दोषी करार दिया था। दोषियों में मोती सिंह, रणजीत, फिरोज खान, हारून, संदीप, तेजपाल, राजेश और कृष्ण कुमार शामिल हैं। वहीं, कुलदीप और हनुमान सैनी को पर्याप्त सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।

यह वारदात 14 मई 2022 को नावां सिटी के तहसील रोड स्थित रेलवे फाटक के पास हुई थी, जहां बोलेरो गाड़ी में सवार 4-5 बदमाशों ने जयपाल पूनिया की कार को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। हमलावरों ने पहले रास्ता ब्लॉक किया, फिर कार के शीशे तोड़कर करीब से गोलियां बरसाईं और मौके से फरार हो गए।
गंभीर रूप से घायल पूनिया को तत्काल नावां अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जयपुर रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई थी। इस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी।






