नावां सिटी. चार साल पहले हुए चर्चित नमक कारोबारी और हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया हत्याकांड में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। एडीजे कोर्ट ने इस मामले में तत्कालीन विधायक के भाई मोती सिंह सहित कुल 9 आरोपियों को दोषी करार दिया है।


अब इस मामले में सजा का निर्धारण शनिवार, 25 अप्रैल को किया जाएगा।

शुक्रवार को सुनवाई पूरी करते हुए एडीजे कोर्ट के न्यायाधीश सुंदरलाल खारोल ने 11 आरोपियों में से 9 को हत्या का दोषी माना। दोषियों में मोती सिंह (पूर्व विधायक का भाई), रणजीत, फिरोज खान, हारून, संदीप, तेजपाल, राजेश और कृष्ण कुमार शामिल हैं। वहीं, कुलदीप और हनुमान सैनी को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
अपर लोक अभियोजक मनीष शर्मा के अनुसार अदालत ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं में दोषी सिद्ध कर दिया है, हालांकि सजा की अवधि पर अंतिम निर्णय 25 अप्रैल को सुनाया जाएगा।

दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग से हुई थी हत्या
यह सनसनीखेज वारदात 14 मई 2022 को नावां सिटी के तहसील रोड स्थित रेलवे फाटक के पास हुई थी। उस दिन बोलेरो गाड़ी में सवार 4 से 5 हमलावरों ने जयपाल पूनिया की कार को रोककर पहले रास्ता ब्लॉक किया, फिर कार के शीशे तोड़ते हुए उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
गंभीर रूप से घायल पूनिया को तत्काल नावां अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें जयपुर रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पहले रेकी, फिर शूटर्स को भेजकर कराया गया हमला
जांच में सामने आया कि यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी। मुख्य आरोपी मोती सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले जयपाल पूनिया की रेकी की थी। इसके बाद रणजीत समेत 6 शार्प शूटर्स को लोकेशन देकर वारदात को अंजाम देने के लिए भेजा गया।
फायरिंग के बाद आरोपी फरार हो गए। जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद मोती सिंह ने घायल पूनिया का पीछा किया, ताकि यह पता लगा सके कि वह जीवित है या नहीं।
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17 मई 2022 को मुख्य आरोपी मोती सिंह सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) और क्राइम ब्रांच का गठन किया गया, जिन्होंने जांच को आगे बढ़ाते हुए जून 2022 तक अन्य शूटरों और साजिशकर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया।
कुछ आरोपी वारदात के बाद फरार हो गए थे, जिन पर पुलिस ने इनाम घोषित किया और बाद में उन्हें अलग-अलग स्थानों से दबोच लिया गया। 15 जून 2022 तक इस मामले में 8 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका था।
अब 25 अप्रैल को सजा पर फैसला : –
फिलहाल अदालत ने सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। अब 25 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि दोषियों को कितनी सजा दी जाएगी।
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