कुचामन सिटी में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (एबीजीपी) ने जिला कलक्टर को एबीजीपी/शिक्षा हरिद्वार प्रस्ताव 2026 के तहत समान और शोषण मुक्त शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।


ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मूल अधिकार है और सभी वर्गों को समान व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। प्रांत प्रतिनिधि कृष्ण पारीक ने निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि, अनावश्यक किताबों व सामग्री का दबाव तथा शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण पर चिंता जताई और कहा कि शिक्षा व्यापार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है।

जिलाध्यक्ष हरीश कुमावत ने अभिभावकों और विद्यार्थियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने की मांग की। जिला सचिव जितेंद्र ओझा ने संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर निजी विद्यालयों की मनमानी पर रोक लगाने और प्रभावी नियंत्रण की बात रखी।
रक्षेंद्र ओझा ने आरोप लगाया कि कई निजी विद्यालय तय मानकों से अधिक शुल्क वसूल रहे हैं और अभिभावकों को एक निश्चित स्थान से ही किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो अनुचित है।

जिला टोली के किशन लाल व बाबूलाल सिहोता ने बताया कि जल्द ही अभिभावक संगोष्ठी आयोजित कर जागरूकता बढ़ाई जाएगी। इस दौरान मयंक दायमा, मनु कुमावत, प्रकाश बागड़ा और राकेईश कुमावत उपस्थित रहे।
जिला कलक्टर ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।






