कुचामन सिटी. एक ओर भीषण गर्मी के इस मौसम में लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर शहर में रोजाना हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है।


कई इलाकों में स्थिति यह है कि घरों में तीन-चार दिन तक पानी नहीं पहुंच पा रहा जिससे आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले तक पानी की सप्लाई आठ दिन में एक बार हो रही थी और अब भी कई वार्डों में स्थिति सुधरने के बजाय खराब बनी हुई है। कई परिवारों को कई दिनों तक पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा।
इस बीच प्रशासन और जलदाय विभाग के अधिकारी निरीक्षण और समीक्षा बैठकों का दावा कर रहे हैं। लेकिन हकीकत ये है कि गतिविधियां केवल कार्यालयों तक सीमित रह गई हैं। जमीनी स्तर पर पानी की बर्बादी रोकने के लिए कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहे।

शहर के कई हिस्सों में पाइपलाइन लीकेज और अव्यवस्थित जल वितरण के कारण हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह रहा है, जिसे लेकर आमजन में रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन आंखें मूंदकर कुंभकरण की नींद में सोया हुआ है और गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जल्द से जल्द जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए लीकेज को तुरंत ठीक किया जाए और पानी की बर्बादी पर सख्त कार्रवाई हो ताकि गर्मी के इस कठिन समय में लोगों को राहत मिल सके।
नागौर-डीडवाना-कुचामन में जल योजनाओं का निरीक्षण और समीक्षा बैठक






