नावां सिटी में आत्महत्या के मामले में परिवार पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है। मृतक दीपक कुमार पुत्र स्वर्गीय बजरंग लाल स्वामी द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद उसके परिजन कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना 30 जनवरी 2026 को सामने आई थी। जिसके बाद से परिवार लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है।


मृतक के भाई कन्हैयालाल ने पुलिस अधीक्षक, डीडवाना-कुचामन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि एफआईआर दर्ज होने के 15 दिन बाद भी पुलिस द्वारा किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

नावां थाना पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार दीपक कुमार नावां के सहमत नगर क्षेत्र में किराये के मकान में रहता था। उसकी शादी हुई थी और उसकी एक पुत्री भी है।
परिजनों का आरोप है कि दीपक की पत्नी, उसकी सास तथा सास के पुत्र सहित अन्य दो-तीन व्यक्तियों द्वारा उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उस पर रुपए की मांग का दबाव बनाया जाता था तथा महिला पुलिस थाना जोधपुर में झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल भिजवाने की धमकी दी जाती थी। परिजनों का कहना है कि इन परिस्थितियों से आहत होकर दीपक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

बताया गया कि आत्महत्या से पूर्व दीपक ने एक सुसाइड नोट लिखा और अपना वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। जिसमें उसने अपनी पत्नी, सास, सास के पुत्र एवं अन्य लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया।
15 दिन बीत गए, बेटे को अब तक न्याय नहीं मिला – मृतक की मां
परिजनों का आरोप है कि मामला दर्ज हुए पंद्रह दिन से अधिक समय बीत चुका है। लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका कहना है कि सुसाइड नोट और वायरल वीडियो में स्पष्ट आरोप होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई धीमी है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। मृतक की मां अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रही है।
परिवार ने पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर से निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने तथा सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
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