नावां क्षेत्र में नमक उत्पादन इकाइयों की लीज नवीनीकरण, भूमि रूपांतरण, नियमन की कमी और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर साल्ट डवलपमेंट एण्ड वेलफेयर सोसाइटी नावां के प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय विधायक विजयसिंह चौधरी के साथ कैबिनेट राजस्व मंत्री हेमंत मीणा से मुलाकात की।


प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया कि प्रस्तावित लवण नियम 2024 में नवीनीकरण से वंचित नमक इकाइयों के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण नावां क्षेत्र की दो सौ से अधिक नमक इकाइयां प्रभावित हो रही हैं। नियमों की जानकारी के अभाव और अस्पष्टता के चलते कई इकाइयों का नमक उत्पादन ठप हो गया है। जिससे सैकड़ों श्रमिकों की रोज़ी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।

प्रतिनिधियों ने बताया कि गुजरात के बाद राजस्थान देश में सबसे अधिक नमक उत्पादन करने वाला राज्य है और नावा क्षेत्र इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन प्रशासनिक अनदेखी के कारण नमक उद्योग धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है।
प्रमुख मांगें :-
- लीज नवीनीकरण से वंचित नमक इकाइयों को कम से कम छह माह की छूट दी जाए, ताकि वे नियमों के अनुरूप नवीनीकरण करवा सकें।
- नमक उत्पादन इकाइयों के भूमि रूपांतरण व नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया जाए।
- लंबे समय से बंद नई नमक इकाइयों के नियमन की प्रक्रिया शुरू की जाए।
- नावा में नमक निरीक्षक कार्यालय खोला जाए, ताकि उद्यमियों को डीडवाना जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़े।
मुलाकात के दौरान मंत्री हेमंत मीणा को संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आग्रह किया गया। मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर साल्ट डेवलपमेंट एंड वेलफेयर सोसायटी, नावा के अध्यक्ष दिनेश जांदू, सचिव ललित माटोलिया, रामेश्वर रणवा, बाबूलाल खाचरिया, कालूराम माली तथा सोसायटी प्रबंधक अरुण जोशी उपस्थित रहे।






