कुचामन कस्बे में व्यापारी रमेश रूलानियां की हत्या में प्रयुक्त फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध करवाने वाले आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए रिलायंस जियो के POS एजेंट सहित तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।


यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर (भा.पु.से.) के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा (रा.पु.से.) और वृत्ताधिकारी मुकेश चौधरी (रा.पु.से.) के सुपरविजन में की गई।

दिल्ली-गाजियाबाद से तीन आरोपी गिरफ्तार
थानाधिकारी सतपाल सिंह पु.नि. के नेतृत्व में गठित टीम ने गाजियाबाद और दिल्ली में दबिश देकर POS एजेंट ईशू शर्मा (26) पुत्र राधेश्याम निवासी गाजियाबाद (उ.प्र.), कुनाल (25) पुत्र सुरेश गौड निवासी शाहदरा (दिल्ली) और दिवाकर गौतम (25) पुत्र स्व. रामजीलाल निवासी शाहदरा ईस्ट (दिल्ली) को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि इन तीनों ने लालच में आकर जिन ग्राहकों के नाम पर सीम जारी होनी थीं। उन्हें गुमराह किया और ओटीपी लेकर 5 फर्जी सिम कार्ड जारी किए। जिन्हें अपने पास रखकर आगे बेच दिया गया। बाद में यही सभी सिम रमेश रूलानियां हत्याकांड में वारदात के दौरान गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों द्वारा उपयोग की गईं।

पूछताछ में आरोपी ने किया खुलासा
वारदात में प्रयुक्त पांचों सिम जियो कंपनी की पाई गईं, जो गाजियाबाद से जारी हुई थीं। कंपनी से रिकॉर्ड प्राप्त करने पर मालूम हुआ कि जिन व्यक्तियों के नाम पर सिम जारी हुई, उन्होंने कभी इन्हें नहीं लिया। इस सुराग पर पुलिस ने POS एजेंट ईशू शर्मा को डिटेन किया।
पूछताछ में ईशू ने बताया कि उसने कुनाल के कहने पर ग्राहकों को गुमराह कर उनके नाम से फर्जी सिम जारी कीं और अपने पास रखीं। बाद में उसने ये सभी पांच सिम कुनाल को बेच दीं। आगे जांच में पता चला कि कुनाल ने ये सिम अपने परिचित दिवाकर गौतम को दे दी थीं। ये सभी सिम 25 सितम्बर 2025 को ईशू से कुनाल और फिर दिवाकर तक पहुंची थीं। बाद में इन्हें हत्या की साजिश में शामिल आरोपियों ने वारदात के दौरान उपयोग किया।
इसके पूर्व पुलिस इस मामले में 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है तथा एक नाबालिग को निरुद्ध कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।
टीम में थानाधिकारी सतपाल सिंह के साथ हेडकांस्टेबल गजेन्द्र सिंह, कांस्टेबल प्रेमचन्द, कमलेश कुमार, सुशील कुमार, छोटूराम और लाल सिंह सहित जिला DST टीम के सदस्य शामिल थे।
संचार साथी ऐप से पता करें आपके नाम कितनी सिम
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नई सिम लेते समय या पोर्ट कराते समय POS एजेंट द्वारा ली गई फोटो और ओटीपी के बारे में सतर्क रहें। यह भी सुनिश्चित करें कि एजेंट किसी अतिरिक्त सिम को आपके नाम से जारी कर अपने पास ना रख ले।
साथ ही आमजन Sanchar Saathi मोबाइल ऐप/पोर्टल पर अपने नाम से जारी सिमों की जानकारी देख सकते हैं और यदि कोई सिम बिना अनुमति जारी हो गई हो तो उसे बंद भी करवा सकते हैं।
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