डीडवाना-कुचामन जिले की डीडवाना थाना पुलिस ने इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। थानाधिकारी राजेंद्र सिंह कमांडो के नेतृत्व में पुलिस ने अपने ही कर्मचारी की पोतियों की शादी में आर्थिक सहायता देकर करुणा का परिचय दिया।


दरअसल, थाने के सफाई कर्मचारी चाँदमल वाल्मीकि की पोतियों की शादी थी। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और शादी के खर्चे उठाना उनके लिए मुश्किल था। परिस्थितियों को समझते हुए थानाधिकारी राजेंद्र सिंह ने स्वयं पहल की और पूरे पुलिस स्टाफ को इस नेक कार्य में शामिल किया।

डीडवाना थाना, महिला थाना और यातायात पुलिस ने मिलकर ₹2,61,000 का मायरा भरा। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई।
थाना स्टाफ ने मायरा कार्यक्रम में डांस किया और पूरे स्टाफ का चाँदमल के परिवार ने तिलक कर स्वागत किया, जिससे मायरा कार्यक्रम पूरी विधि और उत्साह के साथ संपन्न हुई।

इस अवसर पर थानाधिकारी राजेंद्र सिंह कमांडो ने कहा कि “हमारे थाने में सबसे सीनियर चाँदमल हैं। इन्होंने कई सालों से थाने में साफ-सफाई की व्यवस्था का ध्यान रखकर हमें स्वच्छ वातावरण दिया है। इनकी पोतियों की शादी में हमारे स्टाफ द्वारा ये छोटी सी भेंट है।”
डीडवाना पुलिस की यह पहल समाज में इंसानियत, सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश देती है और दिखाती है कि पुलिस सिर्फ कानून की सख्ती नहीं बल्कि मानवीय भावनाओं के प्रति भी सजग है।
मायरा परंपरा के बारे में –
बहन के बच्चों की शादी के समय ननिहाल की तरफ से मायरा दिया जाता है, जिसे भात भी कहा जाता है। इस परंपरा में ननिहाल की ओर से बहन के बच्चों के लिए कपड़े, गहने, पैसे और अन्य जरूरी सामान भेंट किए जाते हैं। साथ ही, बहन के ससुराल वालों के लिए भी कपड़े और आभूषण शामिल किए जाते हैं।
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