कुचामन सिटी. जिला डीडवाना-कुचामन पुलिस ने कुचामन में हुए व्यापारी रमेश रूलानिया हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रोहित गोदारा और विरेन्द्र चारण गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।


दोनों आरोपियों ने हत्या की साजिश में शामिल रहकर मुख्य आरोपियों को आर्थिक सहायता दी थी और वारदात के पहले व बाद में लगातार संपर्क में रहकर सहयोग किया था।

गिरफ्तार आरोपी सुरेन्द्र सिंह पालावत (30) पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी खाटूश्यामजी जिला सीकर और राहुल माण्डिया (21) पुत्र भींवाराम निवासी आशपुरा थाना अजीतगढ़ जिला सीकर हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी अपने गैंग सरगना विरेन्द्र चारण और जितु चारण के साथ लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में थे। ये दोनों स्थानीय स्तर पर प्रतिष्ठित व्यापारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों की रैकी करते थे और उनकी जानकारी गिरोह तक पहुंचाते थे।

हत्या के दिन पल-पल की खबर वीरेंद्र तक पहुंचा रहा था आरोपी
पुलिस के अनुसार – दोनों आरोपियों ने मुख्य आरोपी गणपत गुर्जर और धर्मेन्द्र गुर्जर को हत्या से पहले और बाद में आर्थिक मदद दी थी। राहुल माण्डिया वारदात के दिन कुचामन में ही मौजूद था और हत्या करने वाले अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था।
उसने वारदात के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचकर रमेश रूलानिया की मृत्यु की जानकारी विरेन्द्र चारण को दी, जिसके बाद विरेन्द्र चारण ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारी ली थी। हत्या के बाद जब अपराधी फरार हुए, तो राहुल माण्डिया उनके लिए बैकअप वाहन की व्यवस्था में भी जुटा हुआ था।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेमीचन्द खारिया (रा.पु.से.) और वृत्ताधिकारी अरविन्द बिश्नोई (रा.पु.से.) की सुपरविजन में थानाधिकारी सतपाल सिंह (पु.नि.) के नेतृत्व में की गई।
तकनीकी साधनों, फील्ड इंटेलिजेंस और गठित टीमों के संयुक्त प्रयास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों को 8 नवम्बर 2025 को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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