नावां शहर दिवाली के अवसर पर पटाखों की बिक्री को लेकर राजस्थान सरकार व जिला प्रशासन तो सख्त है, लेकिन इसके बावजूद शहर में नियमों को ताक पर रखकर पटाखों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।


उपखंड प्रशासन की ओर से शहर में पटाखा विक्रेताओं को पटाखा बेचने का लाइसेंस दिया गया है। इसके अलावा कई दुकानदार बिना लाइसेंस के पटाखे बेच रहे हैं।

सड़क किनारे चौकी व खाट लगाकर दुकानदार नियमों का पालन करना तो दूर बल्कि निर्धारित मानक भी पूरा नहीं कर पटाखों की बिक्री कर रहे हैं और अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
शहर में दो दर्जन से अधिक जगहों पर खुलेआम पटाखों की बिक्री हो रही है। पटाखा विक्रेताओं का अस्थायी लाइसेंस जिस जगह का है, उस जगह के बाहर रोड पर भी पटाखे बेचे जा रहे हैं।

सड़क किनारे व दुकानों के बाहर हो रही पटाखों की बिक्री: यह हैं पटाखा बिक्री के नियम
भारत सरकार के विस्फोट अधिनियम 1984 और विस्फोट विनियम 2008 के अध्याय सात में आतिशबाजी अर्थात पटाखा बेचने के लिए स्थायी और अस्थायी दुकानों के लिए नियम बनाए गए हैं। लाइसेंस धारक इन नियमों का पालन करने के लिए बाध्य हैं। भले ही उसने स्थायी या अस्थायी लाइसेंस लिया हो।
लेकिन विस्फोट अधिनियम के नियम 83 के अनुसार पटाखा बिक्री की स्थायी दुकान कंक्रीट से बनी होनी चाहिए, जिसके अंदर ही पटाखे बेचे जा सकते हैं। इसके बावजूद शहर में पटाखा विक्रेताओं ने दुकानों के बाहर टेंट लगाकर पटाखों की बिक्री कर रहे हैं।

बिना लाइसेंस के बेच रहे पटाखे:
शहर के कई दुकानदार बिना लाइसेंस के पटाखे बेच रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उपखंड प्रशासन जानबूझकर अनजान बने हुए हैं। एक शिकायत पर उपखंड कार्यालय के एक कर्मचारी ने बाजार में एक दुकानदार से लाइसेंस मांगा, लेकिन दुकानदार के पास लाइसेंस नहीं मिला। अब क्या कार्रवाई की जाएगी, वह तो उपखंड प्रशासन ही जाने।
इस मामले में एसडीएम दिव्या सोनी ने कहा कि “दीपावली को पर्व की तरह मनाएं, जिससे हरित दीपावली एवं स्वस्थ दीपावली का संदेश सबको मिल सके। पटाखा विक्रेताओं को लाइसेंस पूरी तरह जांचने के बाद दिया गया है।
बिना लाइसेंस के पटाखा बेचने पर रोक लगाई जाएगी। मानक के अनुरूप पटाखों की बिक्री करनी होगी। फिर भी कहीं से शिकायत आती है तो संबंधित पर तत्काल जांच कर कार्रवाई करेंगे।”
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