कुचामन सिटी में कारोबारी रमेश रूलानिया की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है।


आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना मुंडन तक करवा लिया था और ट्रेन के लोकल डिब्बों में सफर करते रहे ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न हो सके और वे सीसीटीवी कैमरों से भी बच सकें।

हत्या से लेकर गिरफ्तारी तक….
यह पूरा हत्याकांड 7 अक्टूबर की सुबह करीब 5:40 बजे हुआ था, जब रमेश रूलानिया जिम में वर्कआउट कर रहे थे। रोहित गोदारा गैंग के सदस्य वीरेंद्र चारण ने हत्या की सुपारी पवन चारण को दी थी, जिसके बाद पवन चारण ने गणपत गुर्जर को अपने साथ लिया। गणपत ने अपने तीन साथियों — महेश, धर्मेंद्र, और जुबेर — के साथ मिलकर रमेश रूलानिया की जिम में गोली मारकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद चारों आरोपी टोंक जिले के निवाई नगरपालिका से 25 किलोमीटर दूर जोधपुरिया गांव स्थित देवधाम पहुंचे, और वहां से मध्य प्रदेश बॉर्डर की ओर निकल गए। इसके बाद वे ट्रेन पकड़कर हैदराबाद फिर चेन्नई और वहां से तिरुपति (आंध्र प्रदेश) पहुंचे। हाईवे पर जाते समय चारों एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे।

इधर एडीजी क्राइम दिनेश एम.एन. के नेतृत्व में एजीटीएफ और स्पेशल टीम इनकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी।
तिरुपति पहुंचने के बाद गणपत, धर्मेंद्र और महेश ने अपना मुंडन करवा लिया, ताकि पहचान न हो सके। इसी दौरान जुबेर उनसे अलग हो गया। ये तीनों आगे झारखंड के रास्ते कोलकाता पहुंचे, जहां इनकी मौजूदगी की सूचना स्पेशल टीम को मिली।
टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से फूलबागान के कडापाड़ा इलाके में छापा मारा। पूछताछ के दौरान संदेह होने पर जब पुलिस ने पकड़ने की कोशिश की, तो आरोपी वहां से भाग निकले। बाद में साल्ट लेक स्थित बंगाल टेनिस अकादमी के पास से तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
हालांकि, मकराना बोरावड़ निवासी जुबेर अहमद अभी भी फरार है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं।






