कुचामन सिटी: पिछले दिनों लगातार हो रही बारिश का दौर रविवार को थम गया। दोपहर में धूप निकलने से किसानों को कुछ हद तक राहत मिली। धूप में किसान गीली हुई फसलों को सुखाने में जुट गए, हालांकि आसमान पर हल्के बादल भी छाए रहे। दिनभर धूप का आना–जाना बना रहा।


किसान अब बारिश न होने की प्रार्थना कर रहे हैं ताकि उनकी फसल को और नुकसान न पहुंचे। इस बार फसल की शुरुआत अच्छी थी और किसानों को उम्मीद भी बनी थी, लेकिन कटाई के समय शुरू हुई बारिश ने चिंता बढ़ा दी। अनुमान है कि 60 से 70 प्रतिशत फसल बारिश से प्रभावित हुई है।

रविवार को मौसम साफ रहा और धूप निकली, इसलिए किसान सुबह से ही खेतों में फसलों को संभालने में लगे रहे। बेमौसम बारिश के बाद धूप खिलने से किसानों को थोड़ी राहत मिली। किसान दिनभर कटाई के बाद खेत में छोड़ी गई फसल को सुखाने में लगे रहे। फसल को पूरी तरह सुखने में लगभग तीन से चार दिन का समय लगेगा, उसके बाद ही थ्रेसिंग कार्य शुरू हो सकेगा। किसानों का कहना है कि पिछली बारिश से बाजरा और अन्य फसलें काफी प्रभावित हुई हैं।
फसलों को सुखाने में परेशानी
किसान नेता परसाराम बुगालिया (गोपालपुरा निवासी) ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हुई जिनकी फसल कटने के बाद खेत में बंधी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि बिना बंधी फसल को संभालना आसान होता है, लेकिन बंधी फसल को सुखाने में अब कई कठिनाइयाँ आएँगी।

लगातार धूप न होने पर फसल सड़ने और अंकुरित होने का भी खतरा है। किसान चाहते हैं कि प्रशासन इस प्राकृतिक नुकसान का आकलन कर जल्द राहत उपाय सुनिश्चित करे।
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