Homeकुचामनसिटीकुचामन सिटी: ठाकुरजी के मंदिर में अन्नकूट और छप्पन भोग महोत्सव

कुचामन सिटी: ठाकुरजी के मंदिर में अन्नकूट और छप्पन भोग महोत्सव

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कुचामन शहर के धानमंडी स्थित 500 साल से पुराना प्राचीन ठाकुरजी का मंदिर में अन्नकूट और छप्पन भोग महोत्सव का आयोजन किया गया।

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इस उपलक्ष्य में भगवान ठाकुरजी के 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। महाराज कन्हैया लाल शास्त्री ने ठाकुरजी के नवीन धान का भोग लगाते हुए विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर भजन-कीर्तन हुए और महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। पंडित कन्हैया लाल ने आरती कर प्रसाद वितरण किया। सैंकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित किया। यह मंदिर राजा-रजवाड़ा के समय से शहर में श्रद्धा का केंद्र रहा है।

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पंडित ने बताया कि पृथ्वी लोक पर श्रीकृष्ण की आराधना को श्रेष्ठ माना गया है और उनके बाल स्वरूप की आराधना को सर्वश्रेष्ठ। द्वारकाधीश की पूजा से मनोकामना पूर्ण होती है। पंथ और संप्रदायों में विभक्त सनातन संस्कृति में श्रीकृष्ण की भक्ति के अनेक तरीके प्रचलित हैं।

सभी तरीके रास-रंग के साथ श्रीकृष्ण की उपासना को महत्व देते हैं, जिसमें झूला झुलाना, भगवान की मनुहार करना और उनकी सात्विक सेवा करना शामिल है। गोविंद की उपासना के विभिन्न तरीकों में अन्नकूट सेवा को अहम माना जाता है।

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इसी क्रम में शहर के सत्यनारायण मंदिर, चारभुजानाथ मंदिर, रघुनाथजी का मंदिर और मालपानियों के मंदिर में हर वर्ष की तरह अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया।

ललित ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन-कीर्तन किया गया। भजन में अन्नकूट बनाए जाने वाले छप्पन भोग और मिठाई का वर्णन पदों गायन के माध्यम से किया गया।

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