कुचामन सिटी. राजस्थान में बिगड़ती कानून व्यवस्था, पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में हो रही देरी और स्मार्ट विद्युत मीटरों की अनियमितताओं के खिलाफ मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुचामन सिटी में प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति एवं मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।


इस दौरान नावां और कुचामन क्षेत्र के कांग्रेस नेता, पार्षद और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

ज्ञापन में कहा गया कि जबसे प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई है, कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। बलात्कार, लूट, डकैती, चैन स्नैचिंग, बजरी माफियाओं का आतंक जैसे आपराधिक मामले हर दिन सामने आ रहे हैं। इससे साफ प्रतीत होता है कि पुलिस प्रशासन पर जनता का भरोसा उठता जा रहा है।
चुनावों को परिसीमन के नाम पर बार-बार टालना
साथ ही, ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों को परिसीमन के नाम पर बार-बार टालना संविधान और लोकतंत्र दोनों का खुला अपमान है। संविधान के अनुच्छेद 243-यू और 243-ई के अनुसार इन चुनावों का समय पर कराया जाना अनिवार्य है, लेकिन सरकार जानबूझकर देरी कर रही है और जनता को जनप्रतिनिधित्व से वंचित कर रही है।

इसके अलावा, ज्ञापन में केन्द्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं जैसे सीबीआई, ईडी, सीआईडी, आयकर विभाग आदि का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया गया। साथ ही SIR कानून लागू कर मतदाता सूचियों में हेराफेरी की शिकायत की गई, जिसे संविधान विरोधी बताया गया।
मुख्यमंत्री के नाम संबोधित दूसरे ज्ञापन में स्मार्ट विद्युत मीटरों को लेकर गहरी आपत्ति दर्ज करवाई गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निजी कंपनी को ठेका देकर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि उपभोक्ताओं को पुराने मीटरों से कोई शिकायत नहीं थी।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि स्मार्ट मीटरों में अनेक तकनीकी विसंगतियाँ हैं। इनसे 30% से 60% तक अधिक यूनिट की रीडिंग आ रही है, जिससे आमजन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को विशेष रूप से प्रभावित होना पड़ रहा है, जिन्हें कांग्रेस सरकार के समय 200 यूनिट तक निःशुल्क बिजली का लाभ मिलता था। स्मार्ट मीटरों में अधिक यूनिट दिखने के कारण यह लाभ अब नहीं मिल पा रहा।
इसके अलावा, पुराने मीटरों की तुलना में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों में बिल चुकाने के लिए समय नहीं मिलता, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बनता है। साथ ही डिजिटल मीटर होने के कारण हैकिंग और बिजली चोरी की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि राज्य सरकार इन जनविरोधी नीतियों को तुरंत प्रभाव से वापस ले।
इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता माधवप्रसाद धूत, जिला उपाध्यक्ष शेर खान, ब्लॉक अध्यक्ष उदयसिंह खारिया, भंवर अली खान, उपसभापति हेमराज चावला, नेता प्रतिपक्ष नावां अवधेश पारीक, नावां नगर कांग्रेस अध्यक्ष बाबूलाल बजाज, कुचामन नगर अध्यक्ष सुतेंद्र सारस्वत समेत नावां व कुचामन के अनेक कांग्रेस नेता, पार्षद और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






